ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन..यहां नदी के ऊपर बन रहा है आधा किलोमीटर लंबा पुल

अलकनंदा नदी पर बन रहा रेल पुल ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन के सबसे महत्वपूर्ण पुलों में से एक है। प्रोजेक्ट के तहत अलकनंदा नदी के ऊपर 480 मीटर लंबा पुल बनेगा। पुल का निर्माण कार्य जून 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है...
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Srinagar: Railway bridge built in Srinagar
Image: Railway bridge built in Srinagar

पौड़ी गढ़वाल: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम जोरों पर है। ऋषिकेश में पहला रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है। फरवरी से योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन में ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन 35 पुलों और 16 खूबसूरत सुरंगों से गुजरेगी। इन पुलों में से एक पुल श्रीनगर में बन रहा है। श्रीनगर गढ़वाल में रानीहाट चौरास रेलवे स्टेशन बनेगा। रानीहाट रेलवे स्टेशन से ट्रेन अलकनंदा नदी के ऊपर से होते हुए जीआईटीआई मैदान से आगे रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग की ओर जाएगी। जिसके लिए अलकनंदा नदी के ऊपर 480 मीटर लंबा रेल पुल बनाया जा रहा है। पुल का निर्माण कार्य जोरों पर है। ब्रॉडगेज रेल लाइन के इस पुल की लागत 90 करोड़ रुपये है।

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श्रीनगर गढ़वाल में बन रहा पुल ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अंतर्गत बनने वाले महत्वपूर्ण पुलों में से एक है। श्रीनगर गढ़वाल में रानीहाट रेलवे स्टेशन बनेगा। जहां से ट्रेन पुल से गुजरती हुई रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग जाएगी। 480 मीटर लंबे इस रेल पुल का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। पुल की खासियत इसकी लंबाई है। यह पुल 480 मीटर लंबा होगा। पुल निर्माण का काम राही मंगलम जेवी करा रही है। रेल पुल का व्यास 11 मीटर होगा। पुल निर्माण का काम जोरों पर है। जून 2021 यानि अगले साल तक पुल बनकर तैयार हो जाएगा। निर्माणदायी कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि तिवाड़ी मोहल्ला क्षेत्र में भी काम शुरू हो गया है। जीआईटीआई मैदान से ट्रेन सुरंग के रास्ते दूसरे स्टेशनों तक पहुंचेगी। संयुक्त अस्पताल के पास रेल सुरंग का निर्माण होना है। इन दिनों पुल का काम चल रहा है, जोकि साल 2021 तक पूरा हो जाएगा।