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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: श्री बदरीनाथ धाम...करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक। इस साल यात्रा सीजन के आगाज के साथ बदरीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को खोले जाएंगे। प्राचीन परंपरा के अनुसार बसंत पंचमी के दिन बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और शुभ मुहूर्त की घोषणा की गई। नरेंद्रनगर स्थित टिहरी नरेश के दरबार में कपाट खुलने के लिए शुभ दिन निकाला गया। बदरीनाथ धाम के कपाट आगामी 30 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर खुलेंगे। इसके साथ ही भगवान बदरीविशाल की पूजा में इस्तेमाल होने वाले तिलों के तेल पिरोने की तिथि भी 18 अप्रैल निश्चित की गई है। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी के दिन निकाली जाती है। सैकड़ों साल पुरानी ये परंपरा इस बार भी निभाई गई। नरेंद्रनगर में टिहरी राजदरबार में सुबह विशेष कार्यक्रम हुआ।