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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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चमोली: हिमालय की गोद में बसे बदरीनाथ धाम में इन दिनों प्रकृति की अद्भुत कलाकारी दिख रही है। बदरीधाम के चारों तरफ सिर्फ बर्फ ही बर्फ है। बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हैं। माना जाता है कि शीतकाल में बदरीधाम में देवतागण भगवान विष्णु की पूजा करने आते हैं। इन दिनों बदरीनाथ में जैसे विहंगम नजारे दिख रहे हैं, उसे देखकर ये बात सच ही लगती है। शीतकाल में यहां पर सिर्फ सैन्य बलों के जवान ही नजर आते हैं, पर इस बार धाम में 30 से ज्यादा लोग रह रहे हैं। इन लोगों ने शीतकाल में बदरीधाम में निवास के लिए अनुमति ली हुई है। बदरीधाम में रहने वाले लोगों में 20 से अधिक साधु-संत हैं। जो कि प्रकृति और भगवान नारायण के सानिध्य में रहकर तप कर रहे हैं। बदरीनाथ के कपाट बंद होने के बाद यहां साध्वी ललिता माई भी अपने शिष्यों के साथ तपस्या कर रही थीं।