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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने ट्विटर पर एक पोस्ट क्या किया कि प्रदेश के सियासी गलियारों में सत्ता परिवर्तन की हवाएं उड़ने लगी। सोशल मीडिया पर घमासान मचा और इससे सरकार और पार्टी दोनों खासी परेशान भी है। विपक्ष से भी अलग अलग बयान आये जिसके बाद विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर चल रही इन बातों को अफवाह करार दिया। अब CM के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने इन बातों को बेबुनियाद बताया है। रमेश भट्ट ने कहा कि "बिना तथ्यों की बात और बिना आधार की खबरें हमेशा औंधे मुंह गिरती हैं। उत्तराखण्ड की राजनीतिक चर्चाओं को आजकल बेबुनियाद कयासों की चासनी में पिरोकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर सभी अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन बिना तथ्यों की मनगढ़ंत बातें लिखने से आपकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
राजनीतिक हलकों में कल से एक ट्वीट चर्चाओं में है। उस ट्वीट पर सूत्रों के हवाले का लेप लगाकर परोसा जा रहा है। दो विरोधी दलों के नेताओं का एक दूसरे पर टिप्पणी करना सामान्य है लेकिन उसे विश्वसनीय आधार मानकर ख़बरें परोस देना हास्यास्पद है। पत्रकारिता के क्षेत्र में मुझे अल्प समय में तजुर्बेकार लोगों के सानिध्य का सौभाग्य मिला है। तो इतना समझ सकता हूं कि इस तरह की ख़बरें बिल्कुल बेबुनियाद हैं। प्रचंड बहुमत वाली सरकार स्थिरता के साथ पांच साल का कार्यकाल पूर्ण करेगी।
राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप के दौर में अपना नैरेटिव बनाने का चलन कहीं से भी विश्वसनीय नहीं होता। बहरहाल त्रिवेंद्र सरकार जनाकांक्षाओं को पूरा करते हुए मजबूती से आगे बढ़ रही है, बढ़ती रहेगी।