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देहरादून: कोरोना से बचाव के लिए उत्तराखंड सरकार ने कई कारगर कदम उठाए हैं। यही वजह है कि उत्तराखंड में कोरोना (coronavirus uttarakhand) अभी फर्स्ट स्टेज में है। यहां कोरोना का एक पॉजिटिव केस होने की पुष्टि हुई है। इसी बीच खबर आई है कि इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी के दो और प्रशिक्षु आईएफएस कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इस तरह ये संख्या तीन हो गई है। कोरोना के बढ़ते कहर के बीच उत्तराखंड सरकार ने एक सराहनीय कदम उठाया है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक राज्य के सभी विधायक अपनी विधायक निधि से 15-15 लाख रुपये सीएमओ को जारी करेंगे। ताकि कोरोना को रोकने के लिए कारगर कदम उठाए जा सकें। इस धनराशि को कोरोना संक्रमण से बचाव के इंतजामों पर खर्च किया जाएगा। गुरुवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में त्रिवेंद्र सरकार ने कोरोना को रोकने के लिए कई अहम फैसले लिए। जिसमें विधायक निधि से 15-15 लाख रुपये जिले के सीएमओ को जारी करने का आदेश भी शामिल था। आगे पढ़िए
इसके अलावा ऋषिकेश-टिहरी आने वाले विदेशियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विदेशी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रहेंगे। जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार केएमवीएन, जीएमवीएन और स्टेडियमों को अपने अधिकार में ले सकती है। देहरादून में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में कोरोना इंफेक्शन (coronavirus uttarakhand) की रोकथाम पर चर्चा हुई। बैठक में बचाव को लेकर उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई। बचाव के उपायों पर मंथन हुआ। सभी विधायकों को अपनी विधायक निधि से 15 लाख रुपये जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को देने के निर्देश दिए गए। इस वक्त उत्तराखंड में कोरोना के चलते अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात हैं। स्कूल, कॉलेज, मॉल, सिनेमाघर बंद हैं। सभी बड़े आयोजनों को रद्द कर दिया गया है। राज्य के सभी मॉल 31 मार्च तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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