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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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चमोली: बुरांस (burans flower) के फूल उत्तराखंड वालों के सबसे प्रिय फूल होते हैं। हर साल इसके जूस का हम सबको बेसब्री से इंतज़ार रहता है। मार्च तक हमारे चमोली के पहाड़ों के जंगलों में बुरांस की लालिमा से चार चांद लग जाते हैं। मगर इस बार बुराँस के फूलों की झलक भी जंगलो ने देखने को नहीं मिल रही है। कारण है जलवायु परिवर्तन। इस साल सर्दी से सब परेशान रहे। चाहे वो बेसमय की बर्फबारी हो या कड़ाके की ठंड। मौसम ने इस बार जम कर लोगों को परेशान रखा। वनस्पति विज्ञानियों के मुताबिक इसी कारण बुरांस के फूलों पर भी असर पड़ा। उन्होंने बताया कि नवम्बर और दिसम्बर माह में बुरांस की कलियां बनती हैं और फ़रवरी और मार्च में उत्तराखंड के जंगलों में इसकी भरमार हो जाती है। मगर मौसम के प्रतिकूल होने के कारण इस बार बुरांस के पेड़ो पर कोंपले भी नहीं खिल पाई हैं। इस साल सर्दी से सब परेशान रहे। चाहे वो बेसमय की बर्फबारी हो या कड़ाके की ठंड। मौसम ने इस बार जम कर लोगों को परेशान रखा। वनस्पति विज्ञानियों के मुताबिक इन्हीं कारण बुरांस के फूलों पर भी असर पड़ा। उन्होंने बताया कि नवम्बर और दिसम्बर माह में बुरांस की कलियां बनती हैं और फ़रवरी और मार्च में उत्तराखंड के जंगलों में इसकी भरमार हो जाती है। मगर मौसम के प्रतिकूल होने के कारण इस बार बुरांस के पेड़ो पर कोंपले भी नहीं खिल पाई हैं।