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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: कोरोना वायरस का प्रकोप जितना बढ़ता जा रहा है उतनी ही इसको लेकर जागरूकता फ़ैलती जा रही है। लोगों को आइसोलेशन में रहने का महत्व समझ आ रहा है। वो ये समझ पा रहे हैं कि खुद को इस वायरस से दूर रखने का मात्र एक ही इलाज है, साफ सफाई और बाहर निकलने से बचना। इटली में 24 घण्टे में कोरोना के 620 केस पहुँच चुके हैं। आने वाले कुछ दिन भारत के लिए भी खतरनाक होने वाले हैं और इसी में लोगों को संयम की परीक्षा देनी होगी। इन्ही सब परेशानियों के बीच रुद्रप्रयाग से एक दिल को राहत देने वाली खबर सामने आई है। रुद्रप्रयाग ने एक बार दिल जीत लिया है। इस संकट के समय मे जब सबको आइसोलेशन में रहने के सख्त निर्देश हैं, रुद्रप्रयाग में एक ऐसा गांव है जिसने खुद को इस संकट से कोसों मील दूर रखा हुआ है और खुद को आइसोलेट किया है। हम बात कर रहे हैं रुद्रप्रयाग जिले के मयकोटी गांव की। जी हां, मयकोटी गांव ने देश भर में मिसाल पेश की है। कोरोना से बचने के लिए पूरे गांव ने खुद को आइसोलेट कर रखा है और अगर किसी भी व्यक्ति ने जबरन इस गांव की सीमा में घुसने की कोशिश करी तो ग्राम सभा ने उसके ऊपर 10 हज़ार रुपये का जुर्माना भी तय किया है।