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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुड़की: उ्तराखंड में लॉकडाउन के बीच एक अनोखी शादी देखने को मिली। दूल्हा दुल्हन लेने तो गया लेकिन शादी में थे सिर्फ दो बाराती। गाड़ी की भी कोई व्यवस्था नहीं...डर था कि कहीं कोरोना वायरस हलकान न कर दे। अपनी बरात में दूल्हे के साथ सिर्फ उसके दो भाई थे और वो सब पैदल ही दुल्हन के घर पहुंचे। दोस्तों और रिश्तेदारों से बरात में शामिल न होने की अपील की गई। कोरोना वायरस जैसी महामारी से निपटने में सहयोग की अपील की। कहते हैं बीमारी धर्म देखकर नहीं आती। क्या हिन्दू, क्या मुस्लिम..कोरोना जाति पूछकर नहीं आता। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की के रहने वाले सलमान को भी इस बात का इल्म था। सलमान ने समाज को एक संदेश दिया है कि कोरोना से बचना है तो अहतियातम कदम उठाने बेहद जरूरी हैं। मौका सलमान की शादी का था तो उसने साफ कह दिया कि शादी में न रिश्तेदारों की भीड़ जमा हो, न ही गाड़ी की व्यवस्था हो। सलमान तैयार हुई तो दुल्हन को लेने के लिए उसके साथ सिर्फ दो बाराती थे, वो भी उसके भाई। सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर तीनों दुल्हन के घर पहुंचे और वहां भी वैसा ही माहौल बनाए रखा। साथ ही सलमान ने संदेश दिया कि कोरोमा के इस भयानक दौर में एक दूसरे से दूरी बनाए रखें। उन्होंने और उनके परिवार ने कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए न सिर्फ अपने शहरवासियों बल्कि देशवासियों से भी अपील की है। खैर...कुछ भी कहें...सलमान को अपनी ये शादी ताउम्र याद रहेगी। सबसे पहले सामाजिक होने का फर्ज निभाने के लिए सलमान को बधाई। इसके बाद शादी की भी बहुत बहुत बधाई।
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