उत्तराखंड में लगभग हर जगह से ऐसी खबरें सामने आ रही हैं। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये कितना खतरनाक है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Coronavirus Uttarakhand:Uttarakhand ranikhet People came back from jamaat
नैनीताल: दिल्ली मरकज के बाद देशभर में बवाल मचा है। उत्तराखँड में भी पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर हैं। मसूरी, देहरादून, अल्मोड़ा, श्रीनगर, नैनीताल, रानीखेत से डराने वाली खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच एक ब़ड़ी खबर है कि रानीखेत में सात जमातियों को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक खबर है कि सातों जमाती फरवरी में एक जमात में पीलीभीत तक गए थे। खबर ये भी है कि एक दिन पहले ये सात जमाती दिल्ली की निजामुद्दीन जमात से लौटे लोगों के संपर्क में थे। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर इन्हें क्वारंटीन किया है।
मसूरी में जमात से लौटने वाले पांच लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने ट्रेस कर लिया है। इसी तरह नैनीताल में भी 8 लोग मिले, जो कि तब्लीगी जमात में हिस्सा लेकर लौटे थे। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक मसूरी में तब्लीगी जमात में शामिल लोगों को मल्लीताल में देखा गया था। जिसकी जानकारी क्षेत्र के लोगों ने तुरंत पुलिस को दी। देर रात पुलिस और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और जमाती सहित उनके परिवार के सदस्यों को जांच के लिए अपने साथ ले गई।
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नैनीताल में भी 8 लोग अस्पताल में भर्ती कराए गए। 31 मार्च को जारी हुई लिस्ट में इनके नाम शामिल हैं और इनकी कॉन्टेक्ट हिस्ट्री भी है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के 280 लोग अभी जमात में बाहर गए हुए हैं। ये लोग पौड़ी, देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहगनर, उत्तरकाशी और टिहरी जिले के रहने वाले हैं। जमात में हिस्सा लेकर उत्तराखंड लौटने वाले लोग प्रदेश के लिए ‘कोरोना बम’ साबित हो सकते हैं।
निजामुद्दीन मरकज का उत्तराखंड कनेक्शन सामने आने के बाद से हर जिले में हड़कंप मचा हुआ है। खुफिया विभाग की टीम जमात में शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। निजामुद्दीन मरकज में उत्तराखंड के 26 लोगों के शामिल होने की बात की पुष्टि हो चुकी है। खुफिया तंत्र की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।