उत्तराखंड के 4 जिलों में एक बार फिर बारिश और बर्फबारी की संभावना बन रही है। मैदानी जिले के लोगों को भी संभलकर रहना होगा, यहां धूलभरी आंधी चलने से मुश्किलें बढ़ेंगी...आगे जानिए मौसम का ताजा हाल
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कोमल नेगी
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Image: Rain and snowfall expected in uttarakhand four districts
उत्तरकाशी: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर मुश्किलें बढ़ाएगा। राज्य में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनी हुई है, जिस वजह से उत्तराखंड में बारीश-बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। कई जगह बारिश शुरू हो चुकी है। मैदानी इलाकों में बादल छाए हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले चार दिनों तक बना रहेगा। इसका मतलब अगले चार दिनों तक आपको ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है। चार जिलों के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी होगी। मौसम केंद्र के ताजा बुलेटिन के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की अति सक्रियता की वजह से उत्तराखंड में थोड़े-थोड़े अंतराल पर बारिश और बर्फबारी का दौर चलता रहेगा। रविवार से मौसम एक बार फिर करवट बदलेगा। आगे जानिए किन किन जिलों में बारिश बर्फबारी की संभावनाएं हैं।
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मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ आज रात हिमालय से टकराएगा। जिससे उत्तराखंड में बारिश की प्रबल संभावना बन रही है। इसका असर अगले चार दिनों तक रहने की उम्मीद है।रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश होने की संभावना है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के भी आसार हैं। इसलिए संभलकर रहें। पहाड़ में होने वाली बारिश-बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखेगा। यहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी आएगी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान क्या कहता है, ये भी जान लें। 7 और 8 अप्रैल को उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी के साथ-साथ ओलावृष्टि की संभावना है। आकाशीय बिजली के साथ गरज वाले बादल विकसित हो सकते हैं। मैदानी इलाकों के लोग भी संभलकर रहें, क्योंकि तीन जिलों में धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंहनगर जिले के लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
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आमतौर पर मार्च के बीतते-बीतते गर्मी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार पिछले सालों के मुकाबले तपिश कम है। जनवरी, फरवरी और फिर मार्च में हुई बारिश के चलते तापमान ज्यादा नहीं बढ़ा। अप्रैल में भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा, इसलिए अगले कुछ दिनों तक गर्मी के दस्तक देने की उम्मीद नहीं है। 7 मार्च को पहाड़ी इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है। आकाशीय बिजली का कहर भी देखने को मिलेगा। वैसे राहत मैदानी जिलों को भी नहीं मिलेगी। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। कुल मिलाकर 5 अप्रैल से 7 अप्रैल तक मौसम खराब रहेगा। इसलिए हमारी आपसे अपील है कि अपना ख्याल रखें। सतर्क रहें। जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें।