खतरा: उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व में रेड अलर्ट, बाघों को हो सकता है कोरोना वायरस

कोरोना संकट सिर्फ इंसानों ही नहीं वन्यजीवों पर भी मंडरा रहा है। केंद्र सरकार ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद उत्तराखंड में बाघों और तेंदुओं की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं...
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CoronaVirus Uttarakhand: Coronavirus uttarakhand rajaji tiger reserve seal
Image: Coronavirus uttarakhand rajaji tiger reserve seal

हरिद्वार: कोरोना के डर से सिर्फ इंसान ही नहीं जूझ रहे। वन्यजीवों पर भी इसका खतरा मंडरा रहा है। कई देशों में जानवरों में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं, जिसने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका के न्यूयार्क शहर में एक बाघिन के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने वाइल्ड लाइफ एनिमल पर कोरोना खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद उत्तराखंड में राजाजी टाइगर रिजर्व ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। बाघों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। पार्क प्रशासन ने आबादी क्षेत्र से लगी 30 किलोमीटर की सीमा को अति संवेदनशील घोषित किया है। सीमा पर सतर्कता बढ़ाते हुए फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है। नैनीताल में बाघों और तेंदुओं की गतिविधियों पर कैमरे से नजर रखी जाएगी। कुमाऊं क्षेत्र के पश्चिमी वृत्त के 5 वन प्रभाग में 300 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। आगे पढ़िए

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300 सीसीटीवी कैमरे बाघों और तेंदुओं की आवाजाही और उनके स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों के बारे में बताएंगे। पश्चिमी वृत्त के मुख्य वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते ने भी इसकी पुष्टि की। हरिद्वार और देहरादून में आबादी क्षेत्र से सटी 30 किलोमीटर की सीमा को चिह्नित कर दिया गया है और इसे अति संवेदनशील घोषित किया गया है। ऐसा इसलिए ताकि यहां से होने वाले लोगों की अवैध आवाजाही को पूर्ण रूप से रोका जा सके। मीडिया को मिली जानकारी के मुताबिक ये जगहें चिह्नित की गई हैं।
चीलावाली रेंज के बनियावाला क्षेत्र में तीन किलोमीटर सीमा
धोलखंड रेंज के बंदरजूट क्षेत्र में करीब 9.7 किलोमीटर सीमा
हरिद्वार रेंज के छिड़क, खड़खड़ी क्षेत्र में दो किलोमीटर सीमा
बेरीवाड़ा रेंज में टीरा, सैंडली क्षेत्र की 3.5 किलोमीटर सीमा
कांसरो रेंज के झबरावाला, बुग्गावाला क्षेत्र में छह किलोमीटर सीमा
मोतीचूर रेंज के रायवाला, नेपाली फार्म से लगी 6 किलोमीटर सीमा

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पश्चिमी वृत्त के मुख्य वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से जारी अलर्ट के बाद पश्चिमी वन की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। जंगलों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल उत्तराखंड मे हालात खराब नहीं हैं। वन्यजीवों में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के बारे में सूचना नहीं मिली है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वन्यजीवों का मेडिकल भी कराया जाएगा। आपको बता दें कि न्यूयॉर्क के एक जू में बाघिन में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है, यानि कोरोना संकट सिर्फ इंसानों ही नहीं वन्यजीवों पर भी मंडरा रहा है। केंद्र की तरफ से अलर्ट जारी होने के बाद उत्तराखंड में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।