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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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नैनीताल: उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से कोरोना का कोई भी पॉज़िटिव केस न मिलने की वजह से थोड़ी शान्ति बनी हुई है। राज्य में स्वास्थ्य प्रणाली की गम्भीरता के कारण दो कोरोना संक्रमित मरीज बिल्कुल ठीक हो गए है। ट्रेन सही ट्रैक पर जा रही है और इसका बहुत बड़ा कारण है लोगों के अंदर जागरूकता। उत्तराखंड के बहुत लोग और खासकर ग्रामीणों द्वारा इस वायरस को गम्भीरता से लिया जा रहा है। यहां लोगों के अंदर जागरूकता भी साफ तौर पर दिखाई दे रही है। कोरोना के चलते सरकार ने तो लॉकडाउन कर ही दिया है, साथ ही साथ उत्तराखंड के ग्रामीणों ने भी एहतियात के तौर पर गांव को सील करना शुरू करदिया है। नैनीताल में ऐसा ही एक गांव है जिसने खुद को आइसोलेट करके बाहर वालों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। नैनीताल के खुपी गांव के ग्रामीणों ने अपने गांव को लॉकडाउन कर दिया है और बाहर के लोगों पर नो एंट्री लगा दी है। खुपी गांव के ग्रामीण कोरोना को लेकर काफी जागरूक हैं और वह यह ध्यान रख रहे हैं कि उनके गांव में यह वायरस ना फैले और सब लोग सुरक्षित रहें। आगे पढ़िए