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केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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देहरादून: ‘जिन लोगों से मैं पहले कभी नहीं मिला, उनका समर्पण अनमोल रहा। इन्हीं की बदौलत मुझे कोरोना जैसी महामारी से लड़ने की ताकत मिली। एक नर्स, जिसका मैं नाम भी नहीं जानता था। उस पर किसी बात के लिए खीजना आसान था, मगर उसकी मुस्कुराती आंखे हमेशा यही कहती नजर आईं कि सेवा ही धर्म है। अस्पताल में मेरा इलाज करने वाली डॉ. रीता शर्मा में भी कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने का यही जज्बा दिखा’। ये शब्द हैं अमेरिकी नागरिक जॉनाथन हंटर के। जिन्होंने 22 दिन तक चली जंग के बाद आखिरकार कोरोना को मात दे दी। जॉनाथन अब स्वस्थ हैं। उनकी लगातार दो रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किए गए जॉनाथन को जल्द ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। फिर वो अमेरिका लौट सकेंगे। आगे जानिए जॉनाथन किस तरह से उत्तराखँड का शुक्रिकेया अदा किया है।