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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा रूट पर रहने वाले लोगों के लिए ये वक्त सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से तोड़ देने वाला है। कोरोना की काली छाया से उत्तराखंड के चारधाम भी अछूते नहीं रहे। कहने को तय तिथि पर केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे, यात्रा भी शुरू होगी, लेकिन भक्त अपने आराध्य के दर्शन नहीं कर पाएंगे। 29 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने हैं। 26 अप्रैल को बाबा केदार की उत्सव डोली को पैदल न जाकर ऊखीमठ से वाहन के जरिए सीधे सोनप्रयाग पहुंचेगी। यहां से 27 अप्रैल को ही केदारनाथ की डोली अपने धाम पहुंच जाएगी। तय कार्यक्रम के अनुसार 29 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर मेष लग्न में मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। बाबा केदार की डोली को वाहन से सीधे सोनप्रयाग ले जाए जाने की वजह से मार्ग में भक्त डोली के दर्शन नहीं कर सकेंगे। अमूमन पंचमुखी डोली को पैदल ले जाया जाता था, कहा जा रहा है कोराना की सावधानी को लेकर यह कदम उठाया गया हैं। कपाट तय तिथि पर 29 अप्रैल को खुलेंगे। इस दौरान मंदिर में मुख्य पुजारी समेत सिर्फ 16 लोग ही मौजूद रहेंगे।