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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: कोरोना संकट में जारी लॉकडाउन के बीच फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों और आम लोगों को अंतर्राज्यीय यात्रा की अनुमति मिलने के बाद उनमें नई आस जगी है। उत्तराखंड सरकार भी दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को वापस लाने की तैयारी में जुटी है। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जगह-जगह फंसे लोगों को सशर्त आवाजाही कराने की छूट दे दी। राज्य सरकारें अपने लोगों को राज्य तक सुरक्षित लाने की जिम्मेदारी निभाएंगी। गाइड लाइन जारी होने के बाद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्य सचिव को जगह-जगह फंसे उत्तराखंडियों को वापस लाने के इंतजाम करने के निर्देश दिए। उत्तराखंड के हजारों लोग पिछले 35 दिन से जगह-जगह फंसे हुए हैं। ना तो प्रवासी मजदूर अपने घर लौट पा रहे हैं और ना ही छात्र और पर्यटक। गृह मंत्रालय की तरफ से इन्हें वापस लाने का आदेश मिलने के बाद राज्य सरकार ट्रांसपोर्ट और हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ बैठक कर रही है।