उत्तराखंड: लाॅकडाउन का चमत्कार..देवप्रयाग में मिनरल वाटर से भी शुद्ध हुआ गंगा का पानी

प्रकृति पर लॉकडाउन का पॉजिटिव असर दिख रहा है। देवप्रयाग में गंगा का पानी मिनरल वाटर से कई गुना बेहतर हो गया है, तो वहीं अब सहारनपुर से हिमालय की बर्फीली चोटियां नजर आने लगी हैं...
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Lockdowns positive impact: Ganga river water becomes fit for drinking in devprayag
Image: Ganga river water becomes fit for drinking in devprayag

टिहरी गढ़वाल: लॉकडाउन से आम लोग जरूर परेशान हैं, लेकिन प्रकृति पर इसका सकारात्मक असर दिख रहा है। शहरों से पॉल्यूशन गायब हो गया है, नदियां इतनी साफ हो गई हैं कि अब इनमें तैर रही मछलियां साफ दिखाई देती हैं। ये सब चमत्कार सा लगता है। जो काम सालों में करोड़ों खर्च करने के बाद भी नहीं हुआ, वो लॉकडाउन ने कुछ ही दिनों के भीतर कर दिखाया। पावन नदी गंगा का पानी भी निर्मल हो गया है। देवप्रयाग में गंगा का पानी मिनरल वाटर से ज्यादा साफ हो गया है। अगर इस पानी का हर दिन सेवन किया जाए तो सारे रोग दूर हो जाएंगे। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने भी माना है कि देवप्रयाग में गंगा निर्मल हो गई है। नदी में ना तो गंदगी रही और ना ही हानिकारक जीवाणु। यहां का पानी बेहतरीन मिनरल वाटर की गुणवत्ता से भी बेहतर है। कुल मिलाकर लॉकडाउन के अच्छे नतीजे दिख रहे हैं।

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पॉल्यूशन कम होने की वजह से अब सहारनपुर से हिमालयन रेंज की बर्फीली पहाड़ियां आसानी से दिखने लगी हैं। इस खूबसूरत नजारे को इनकम टैक्स अधिकारी दुष्यंत कुमार सिंह ने अपने कैमरे में कैद किया। उन्होंने बताया कि पॉल्यूशन की वजह से पहले देहरादून-मसूरी की पहाड़ियां ही मुश्किल से दिख पाती थीं, लेकिन अब यहां से गंगोत्री-यमुनोत्री पर्वत श्रृंख्ला की पहाड़ियां दिखने लगी हैं, जो कि यहां से 200 किलोमीटर दूर हैं। लॉकडाउन में देहरादून की हवा और पानी भी साफ हो गया। यहां वायु प्रदूषण की दर 76 फीसदी तक घट गई। इस तरह लॉकडाउन के सहारे प्रकृति ने सारी दुनिया को एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है, अब हमें इस संदेश को समझने की जरूरत है।