उत्तराखंड में UP के विधायक को नेतागीरी पड़ी भारी, 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

गौचर में पुलिस से बदसलूकी कर अमरमणि जबरन आगे बढ़े तो कर्णप्रयाग पुलिस ने उन्हें रोक लिया। विधायक अमरमणि त्रिपाठी वहां से बैरंग वापस लौटा दिए गए। मुनिकीरेती थाने में विधायक समेत 12 के खिलाफ केस दर्ज हुआ है...
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Uttarakhand Amanmani Tripathi: Uttarakhand police lodges fir against up mla amarmani tripathi
Image: Uttarakhand police lodges fir against up mla amarmani tripathi

टिहरी गढ़वाल: लॉकडाउन के नियम-कायदे सभी के लिए समान हैं। फिर चाहे वो कोई आम आदमी हो या फिर खास, लेकिन कुछ जनप्रतिनिधि खुद को हर कानून से ऊपर समझने लगे हैं। ये लोग लॉकडाउन की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हैं, कोई रोकता है तो दबंगई पर ऊतारू हो जाते हैं। उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में भी यही हुआ। यहां यूपी के एक विधायक हर नियम-कायदे को ताक पर रख बदरीनाथ जा रहे थे। विधायक जी के पास बदरीनाथ जाने के लिए पास भी नहीं था। गौचर में पुलिस और प्रशासन ने इन्हें रोका तो ये अफसरों से भिड़ गए। नेता होने की धौंस जमाने लगे। जिन विधायक साहब की हम बात कर रहे हैं, उनका नाम है अमनमणि त्रिपाठी। यूपी के महाराजगंज के विधायक हैं ये। अमनमणि त्रिपाठी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता के पितृ कार्य के नाम पर उत्तराखंड आए हुए थे। वो बदरीनाथ जा रहे थे। रास्ते में जहां भी पुलिस ने रोका, इन्होंने खुद के विधायक होने की घुड़की दी और आगे बढ़ लिए। पर गौचर में प्रशासन ने इनकी सारी नेतागिरी निकाल दी। पुलिस और प्रशासन ने इन्हें बैरियर पर रोक लिया। नेतागिरी नहीं चली तो अमरमणि त्रिपाठी बैरियर पर रोकने वाले पुलिस और प्रशासन के अफसरों से भिड़ गए। खैर पुलिस से बदसलूकी कर अमरमणि जबरन आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें कर्णप्रयाग में रोक लिया और वहां से बैरंग लौटा दिया।

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मुनिकीरेती में उन्हें पकड़ लिया गया। अब विधायक अमरमणि त्रिपाठी समेत 12 लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय आपदा एक्ट और धारा 188 के तहत मुनिकीरेती थाने में केस दर्ज हुआ है। इन सभी को बाद में निजी मुचलके पर छोड़ा गया। घटना रविवार शाम की है। विधायक अमनमणि त्रिपाठी तीन गाड़ियों में सवार अपने 10 साथियों के साथ बदरीनाथ जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें गौचर में रोका गया तो वो पुलिस के साथ उलझने लगे। यहां से जबरन आगे बढ़े तो कर्णप्रयाग पुलिस ने विधायक और उनकी गाड़ियों को बैरंग वापस लौटा दिया। इस बारे में डीएम स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि बदरीनाथ के कपाट बंद होने की वजह से विधायक और उनके साथियों को बदरीनाथ नहीं जाने दिया गया, हम जरूरी कार्रवाई कर रहे हैं। वैसे हमें उम्मीद है कि अमरमणि त्रिपाठी को आप भूले नहीं होंगे। साल 2016 अमरमणि त्रिपाठी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हुए थे। दीनदयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने वाले अमनमणि त्रिपाठी सत्ता की हनक के चलते पहले भी कई बार विवादों में रह चुके हैं।