विश्वभर में कोरोना संक्रमण के ज्यादातर मामले बुजुर्गों में मिले हैं, लेकिन उत्तराखंड में ये अलग ही मामला दिख रहा है।
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कोमल नेगी
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Image: Uttarakhand Coronavirus infection found in youths
देहरादून: कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों और बच्चों को है। विश्वभर में कोरोना संक्रमण के ज्यादातर मामले बुजुर्गों में मिले हैं, लेकिन उत्तराखंड में ये मिथ टूटता नजर आ रहा है। यहां कोरोना संक्रमण के ज्यादातर मामले 21 से 30 साल के युवाओं मे सामने आए हैं। राज्य में कुल कोरोना संक्रमण केसेज की संख्या 60 है, जिनमें से 32 मरीज ऐसे हैं जिनकी उम्र 21 से 30 साल के बीच है। यानि उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के 53 फीसदी मामले इसी एज ग्रुप में दिखे हैं। दूसरे नंबर पर उन लोगों का ग्रुप है जिनकी उम्र 31 से 40 साल के बीच है। इस आयु वर्ग के 9 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसी तरह 41 से 50 साल के छह, जबकि 11 से 20 वर्ष के पांच लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 61 से 70 उम्र के चार मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई, जबकि तीन मरीजों की उम्र 51 से 60 साल बीच है। प्रदेश में अब तक 70 से ज्यादा उम्र वाले किसी भी मरीज में कोरोना संक्रमण का मामला नहीं आया। आगे पढ़िए
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हालांकि इस बीच दस साल से कम उम्र के एक बच्चे को कोरोना हुआ था। अब ये बच्चा ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुका है। उत्तराखंड में बच्चों और बुजुर्गों मे कोरोना संक्रमण के लक्षण सबसे कम दिखाई दिए हैं, यही वजह रही कि इनकी जांच भी कम कराई गई। उत्तराखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 60 है। देहरादून में सबसे ज्यादा 33 पॉजिटिव केस मिले हैं। जबकि नैनीताल में 10, ऊधमसिंहनगर में 8, हरिद्वार में सात, अल्मोड़ा और पौड़ी में अब तक एक-एक मामला सामने आया है। 60 में से 39 मरीज ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में अब तक 7046 सैंपल की जांच की गई। जिनमें से 6986 की रिपोर्ट नेगेटिव आई, 60 केस पॉजिटिव पाए गए। प्रदेश में अब भी 32698 लोग होम क्वारेंटीन में रखे गए हैं, जबकि 2715 लोग संस्थागत क्वारेंटीन किए गए हैं।