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देहरादून: आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कैबिनेट मीटिंग रखी थी जिसमें कई मुख्य फैसले लिए गए। बीते कुछ दिनों से सबकी नजरें इसी मीटिंग के ऊपर टिकी हुई थीं। सोमवार से लेकर आज तक राज्य में शराब के ठेकों के आगे गजब भीड़ लगी हुई थी जिसके बाद राज्य सरकार का फैसला आया और शराब प्रेमियों का दिल टूट गया। आज मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए जिसमें सबसे अधिक सुर्खियों में शराब की कीमतों में बढ़ोतरी वाला फैसला रहा। इस मीटिंग का बहुत लोग इंतजार कर रहे थे क्योंकि पिछले कुछ दिनों से राज्य में शराब की कीमतों में बढ़ोतरी का अंदाजा लगाया जा रहा था। आपको बता दें कि दिल्ली में शराब की कीमतों में 70 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है, ऐसे में यही सवाल उठ रहा था कि क्या मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी उत्तराखंड में शराब महंगी करेंगे। आज आखिरकार यह ऑफिशियल तौर पर अनाउंस हुआ कि उत्तराखंड राज्य में शराब की कीमतों में बढ़ोतरी होगी।
बता दें कि लॉकडाउन में राहत के बाद सोमवार से उत्तराखंड में शराब के ठेके खुल गए थे। इसके बाद का दृश्य देखने वाला था। लंबी-लंबी लाईनों में लग कर शराब की बोतलें खरीदी गईं। कई-कई लोग तो पेटी की पेटी खरीद कर घर ले जा रहे थे। इन चार दिनों में राज्य में शराब की खूब बिक्री हुई। मगर आज शराब के शौकीनों को सरकार की तरफ से बड़ा झटका मिल गया है। उत्तराखंड में इम्पोर्टेड शराब की बोतल 450 रुपए महंगी कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर देशी शराब की कीमत में 20 रुपए इजाफा हुआ है। इस शराब पर जो टैक्स लगाया गया है उसे हेल्थ केयर टैक्स का नाम दिया गया है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि उत्तराखंड राज्य में तीन तरह की शराब बिकती हैं। राज्य में बनने वाली शराब, देश में बनने वाली शराब के साथ-साथ विदेशों से आने वाली इम्पोर्टेड शराब। सभी की अलग-अलग कीमतें तय की गई हैं। आइये आपको सभी ब्रांड की शराब की पुरानी कीमतों से और टैक्स लगने के बाद वाली कीमतों से अवगत कराते हैं।