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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: उत्तराखंड की पावन देवभूमि को कई आशीर्वाद प्राप्त हैं। अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरत वादियों के लिए जाना जाने वाला उत्तराखंड राज्य अपने अंदर कई पहलू समेटे बैठा है। कहा जाता है कि देवभूमि कही जाने वाली इस शुद्ध धरती को देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त है। धार्मिक लिहाज से देखें तो उत्तराखंड की सभ्यता, इसकी संस्कृति ही उत्तराखंड की असली पहचान है। पूजा-पाठ, देवी-देवताओं में लोगों की अपार श्रद्धा है। लोगों की ऐसी ही श्रद्धा भगवान बदरीविशाल के ऊपर है। आज बदरीनाथ धाम के कपाट तड़के सुबह खोल दिए गए हैं। बदरीनाथ धाम के एक अनोखे पहलू से आज हम आपका परिचय कराने जा रहे हैं। क्या आप यह जानते हैं कि बदरीनाथ धाम में शंखनाद नहीं होता? जी हां, यह थोड़ी अचंभित करने वाली बात है क्योंकि शंख तो भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है। यहां तक कि सभी तस्वीरों में भगवान विष्णु के साथ उनका शंख भी देखा जाता है, मगर बदरीनाथ धाम में शंख ध्वनि नहीं सुनाई देती। आगे पढ़िए