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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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रुद्रप्रयाग: कहते हैं कि हुनर कभी भी पहचान का मोहताज नहीं होता। राज्य समीक्षा की कोशिश रहती है कि कुछ ऐसे हुनरमंदों की कहानियों को आपके बीच लेकर आएं। तो लीजिए ये कहानी है पहाड़ के उस गांव के लड़के की, जिस गांव के लोग आज अपने बेटे की सफलता से गौरवान्वित हैं। उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ये गर्व की बात की है। कोरोना जैसी महामारी की जांच के लिए उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गांव पसालत, लमगौण्डी, गुप्तका़शी के नितिन सेमवाल ने इस बीमारी की जाँच के लिए दो किट बनाई हैं। अच्छी बात ये है कि इसे भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसन्धान परिषद् की ICMR लैब ने 100 एक्युरेसी के साथ 8 मई और 9 मई को अप्रूव किया है। इस किट को कोरोनावायरस की जांच के लिए बिलकुल उपयुक्त पाया हैं। नितिन दिल्ली की जनकपुरी -तिलकनगर स्थित प्रोफेशनल बायोटेक कंपनी (जिनोम) में टीम को लीड कर रहे हैं और उनके साथ उनकी टीम की ये एक बड़ी उपलब्धि हैं। इससे पहले भी कंपनी ने सार्स, प्लेग और एचआईवी जैसी बिमारियों के लिए किट बनाई है। राज्य समीक्षा से खास बातचीत में नितिन कहते हैं कि उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर इस किट की डिजायिंग से लेकर ड्राफ्ट सब कुछ तैयार किया। नितिन ने राजकीय इंटर कॉलेज लमगौन्डी से शुरुआती शिक्षा हासिल की और इसके बाद वो बायोटेक की पढ़ाई करने के लिए आगरा चले आए थे। दिल्ली आने के बाद उन्होंने कड़ी मेहनत करना शुरू किया और आज वो एक बेहतर मुकाम पर हैं। आज नितिन अपनी पत्नी और बेटे के साथ दिल्ली के द्वारका में रह रहे हैं। आगे भी पढ़िए