बलबीर कहते हैं कि मैं ऐसे मुश्किल वक्त में उत्तराखंड नहीं जाऊंगा, हो सकता है मेरे कारण ही कोरोना वायरस मेरे गांव तक पहुंच जाए, जो मैं कतई नहीं होने दूंगा...
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कोमल नेगी
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Image: Balbir bisht of uttarakhand living in delhi
रुद्रप्रयाग: कोरोना और इसके चलते लगे लॉकडाउन में काम-धंधे बंद हुए तो ज्यादातर प्रवासी शहर छोड़कर गांव लौट आए। प्रवासियों के साथ कोरोना का खतरा भी पहाड़ तक पहुंच गया और अब हालात लगातार बिगड़ ही रहे हैं। ऐसे बुरे वक्त में भी कुछ लोग हैं जो कि गांव लौटने की उतावली ना दिखाते हुए जहां हैं वहीं रहकर एक जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य निभा रहे हैं। ऐसे ही लोगों में से एक हैं रुद्रप्रयाग के रहने वाले बलबीर बिष्ट। लॉकडाउन के दौरान इन्होंने एक ऐसी दिल छूने वाली बात कही, जिसे सुन आपकी आंखें भर आएंगी, साथ ही बलबीर पर गर्व भी होगा। एएक खबर के मुताबिक बलबीर दिल्ली में दुकान चलाते हैं, चाहते तो लॉकडाउन के बाद दूसरे लोगों की तरह गांव लौट सकते थे, लेकिन बलबीर ने ऐसा नहीं किया। वो कहते हैं कि मैं ऐसे मुश्किल वक्त में उत्तराखंड नहीं जाऊंगा, हो सकता है कि मेरे कारण ही मेरे गांव तक कोरोना वायरस पहुंच जाए, जो मैं कतई नहीं होने दूंगा। आगे पढ़िए
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बलबीर के दिल में अपनी धरती के लिए प्यार है और अपनी धरीत को याद करके उनकी आंखें भर आती हैं। वो कहते हैं कि उत्तराखंड लौटे कई प्रवासी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। लोग दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से पहाड़ लौट रहे हैं, जिससे अब उन इलाकों में भी कोरोना संक्रमण के केस मिलने लगे हैं, जो अब तक इस जानलेवा बीमारी से अछूते थे। मुश्किल के वक्त में उनके गांव के लोग सुरक्षित रहें, इसीलिए उन्होंने लॉकडाउन में गांव ना लौटने का फैसला किया है। बलबीर कहते हैं कि पहाड़ में कोरोना फैला तो हालात और बद्तर हो जाएंगे। ऐसे में सिर्फ उन्हीं लोगों को वापस लौटना चाहिए, जिनके सामने कोई मजबूरी हो। दिल्ली के रहने वाले इस पहाड़ी की बात ने हर किसी का दिल छू लिया। सोशल मीडिया पर लोग उनकी सोच को सराह रहे हैं, उन्हें सैल्यूट कर रहे हैं।