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नैनीताल: लॉकडाउन 3.0 में दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को उत्तराखंड लाने के लिए राज्य सरकार ने जो जतन शुरू किए थे, उसके गंभीर नतीजे दिख रहे हैं। सरकार की मंशा तो अच्छी थी, लेकिन किसने सोचा था कि प्रवासियों के साथ कोरोना संक्रमण भी पहाड़ चढ़ जाएगा। 3 मई से पहले तक उत्तराखंड के 10 जिले ग्रीन जोन में थे। अब सूबे का हर जिला कोरोना संकट से जूझ रहा है। कोरोना से अब तक अछूते रहे रुद्रप्रयाग जिले में भी 3 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। शनिवार को नैनीताल जिले में 55 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। मामला सामने आने के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। जिन लोगों में कोरोना संक्रमण मिला है वो सभी महाराष्ट्र से ट्रेन में सवार होकर हल्द्वानी आए थे। बाद में यहां से बस के जरिए हल्द्वानी पहुंचाए गए। जिस ट्रेन से ये लोग आए थे उसमें कुल 1400 लोग सवार थे। ऐसे में सोचिए 55 कोरोना संक्रमितों के साथ आने वाले ये लोग इस वक्त कितने बड़े खतरे से जूझ रहे होंगे। ना जाने कहां-कहां गए होंगे। किससे मिले होंगे। इतनी बड़ी तादाद में लोगों को ट्रेस कर पाना प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती है। शनिवार को उत्तराखंड में मिले कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या ने पिछला हर रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। आज कोरोना के कुल 91 पॉजिटिव केस सामने आए। जिनमें 57 केस नैनीताल जिले के हैं। रुद्रप्रयाग में 3, पौड़ी में दो, चंपावत में 7, देहरादून में नौ, अल्मोड़ा में तीन, पिथौरागढ़ में दो, उत्तरकाशी में तीन और ऊधमसिंहनगर में तीन कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं। इसके साथ ही अब राज्य में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 244 हो गई है।