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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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बागेश्वर: उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासियों को उनके गांव के स्कूलों और पंचायत भवनों में क्वारंटीन किया जा रहा है। क्वारेंटीन अवधि को कुछ लोग कोस रहे हैं तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इस समय का बेहतर इस्तेमाल कर अपने गांव और गांव के स्कूलों की तस्वीर संवारने में जुटे हैं। दिल को सुकून देती ऐसी ही एक तस्वीर बागेश्वर के गरुड़ क्षेत्र से आई है। जहां स्कूल में बने क्वारेंटीन सेंटर मे रह रही प्रवासी महिला बबीता देवी ने स्कूल की सूरत संवार दी। इनके काम की पूरे गांव में तारीफ हो रही है। जो काम सालों में नहीं हुआ वो काम बबीता देवी ने सिर्फ 14 दिन में कर दिखाया। बबीता देवी बागेश्वर बाड़ीखेत की रहने वाली हैं। 14 दिन पहले बबीता अपने परिवार के साथ दिल्ली से वापस लौटी थीं। उन्हें बाड़ीखेत के प्राथमिक विद्यालय में संस्थागत क्वारेंटीन किया गया था।