टिहरी के इस गांव की ग्राम प्रधान का अपनाया हुआ यह आइडिया हिट है। क्वारंटाइन की अवधि के दौरान गांव 17 प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध करा के मिसाल पेश की है इस ग्राम प्रधान ने। पढ़िए इस अनूठी पहल के बारे में-
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Tehri garhwal gram pradhan rishta shriyal
टिहरी गढ़वाल: पहाड़ों पर इस समय रोजगार के लिए बाहर के राज्यों में गए लोग कोरोना की वजह से वापस अपने-अपने गांवों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। नियमानुसार सैकड़ों युवाओं और लोगों को गांव ही में स्थित विद्यालय, पंचायत घर और बारात घर में क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है। ऐसे में वह अपना समय का सदुपयोग करें यह बेहद जरूरी है। कई लोग लॉकडाउन को कोसने की बजाय कुछ बेहतर और प्रोडक्टिव कार्य कर रहे हैं। इसी कड़ी में टिहरी से भी एक दिल को सुकून देने वाली खबर आई है। टिहरी जिले के भिलंगाना ब्लाक के ग्राम पंचायत जखन्याली की प्रधान ऋषिता श्रीयाल ने एक बेहद अनूठी पहल की शुरुआत की है। उनके गांव में लौटे सभी प्रवासियों को वह संस्थागत क्वारंटाइन तो कर ही रही हैं, साथ ही क्वारंटाइन की अवधि के दौरान उनको रोजगार भी मुहैया करा रही हैं। इसके तहत उन्होंने क्वारंटाइन हुए लोगों को विद्यालय व अन्य जगहों के सौंदर्यीकरण का कार्य सौंपा है। इसके बदले वह सभी को उनका मेहनताना भी देंगी। आइये उनकी इस अनूठी पहल के बारे में विस्तार से जानते हैं।
टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के ग्राम जखन्याली में बाहर से 17 प्रवासी गांव की ओर लौटे हैं। नियमानुसार उनको 14 दिन के लिए क्वारंटाइन किया गया है। उनके समय के सदुपयोग के लिए उनकी ग्राम प्रधान ने अनोखा उपाय खोज निकाला है।इस अनूठी पहल के तहत वह सभी क्वारंटाइन हुए प्रवासियों को 14 दिनों के लिए रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने सभी को विद्यालय एवं पंचायत घरों की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, आसपास की झाड़ियों को काटने व क्यारियां बनाने का जिम्मा सौंप दिया है। इसी के साथ वह पौधरोपण का कार्य भी कर रहे हैं। इस काम के बदले सभी प्रवासियों को पैसे दिए जाएंगे। सभी प्रवासी उत्साहपूर्वक हर सुबह अपनी ड्यूटी करने में जुट जाते हैं और मन लगा कर अपना काम करते हैं। ऐसी अनूठी और सराहनीय पहल शुरू करने वाली प्रधान ऋषिता श्रीयाल का कहना है कि सभी लोग सामाजिक दूरी बना कर यह काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि काम देने से पहले सभी के जॉब कार्ड बनाए गए। अवधि पूरी होने के पश्चात सभी को मनरेगा के तहत भुगतान किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रवासी चाहें तो उनको मनरेगा के तहत आगे भी कार्य दिया जाएगा।