बदरीनाथ धाम की यात्रा संचालित किए जाने को लेकर नई गाइडलाइन (Badrinath Dham Guideline) जारी की गई है।आइए आपको इन फैसलों के बारे में बताते हैं।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: New guideline for badrinath dham
चमोली: उत्तराखंड से एक बड़ी खबर है। बदरीनाथ धाम की यात्रा संचालित किए जाने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। जिला प्रशासन, धर्माधिकारी, बद्रीनाथ मंदिर समिति, बद्रीनाथ पंडा समाज, होटल व्यवसायियों, टैक्सी यूनियन और व्यापार संघ के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से कुछ फैसले लिए गए हैं। आइए आपको इन फैसलों के बारे में बताते हैं।
1- श्री बदरीनाथ मंदिर के दर्शन की अनुमति सिर्फ बामणी गांव, माणा गांव और नगर पंचायत क्षेत्र बदरीनाथ के मूल स्थानीय निवासियों को होगी। जो इन क्षेत्रों में पहले से रह रहे हैं उन्हीं को बदरीनाथ दर्शन की अनुमति होगी।
2- बाहरी देशों, बाहरी राज्यों और उत्तराखंड के बाकी जिलों के अलावा चमोली जिले के अन्य स्थानों के व्यक्तियों को भी दर्शन की अनुमति नहीं होगी।
3- श्रद्धालु सिंह द्वार से अंदर मुख्य द्वार के मचान से ही बदरीनाथ जी के दर्शन कर सकेंगे। आगे भी पढ़िए
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5- बदरीनाथ मंदिर में दर्शन का समय सुबह 7:00 से शाम के 7:00 बजे तक का होगा।
6- श्रद्धालुओं को बदरीनाथ मंदिर में दर्शन के लिए टोकन मिलेंगे। यह टोकन देवस्थानम बोर्ड द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराए जायेंगे।
7- जो भी साधु संत 1 माह से ज्यादा वक्त से बदरीनाथ में निवास कर रहे हैं उन्हें बदरीनाथ में अपनी कुटिया या मठ में जाने की अनुमति उपजिलाधिकारी जोशीमठ के स्तर से प्रदान की जा सकेगी।
8- बदरीनाथ धाम में दुकानदारों, होटल व्यवसायियों को देखने के लिए पहले चरण में 1 दिन की अनुमति कुछ शर्तों के साथ मिलेगी। उसके बाद ही उन्हें होटलों या दुकानों में मरम्मत के काम की अनुमति मिलेगी। यहां मरम्मत के काम के लिए जिन मजदूरों को लाया जाएगा उनके नाम आधार कार्ड सहित उपलब्ध करवाने होंगे। यह पूरी व्यवस्था 30 जून तक लागू रहेगी।