गढ़वाल: गांव वालों ने दिखाया सिस्टम को आईना..लॉकडाउन में खुद ही बना दी सड़क

गांव माल बज्वाड़ के लोग सालों से सड़क का इंतजार कर रहे थे। प्रशासन-सरकार, सबसे गुहार लगाई, लेकिन सड़क के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिला। अब इस गांव के पास अपनी सड़क है....
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Tharali road: Villagers built road during lockdown in chamoli
Image: Villagers built road during lockdown in chamoli

चमोली: लॉकडाउन से भले ही लोग परेशान हों, लेकिन ये लॉकडाउन पहाड़ के लिए सुखद बदलाव की बयार लेकर आया है। लॉकडाउन के चलते जो प्रवासी शहर छोड़कर गांव लौट आए, वो अब अपने गांवों की तस्वीर बदलने में जुटे हैं। गांवों में सड़कें बन रही हैं, स्कूल संवरने लगे हैं। बदलाव की ऐसी ही एक खूबसूरत तस्वीर चमोली जिले के थराली से आई है। जहां ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान कर गांव को शहर से जोड़ने वाली सड़क बना दी। सड़क निर्माण का काम अब अंतिम चरण में है। थराली में एक गांव है माल बज्वाड़। पहाड़ के कई दूरस्थ गांवों की तरह यहां भी सड़क नहीं थी। गांव वालों ने सरकार से लेकर प्रशासन तक, हर किसी से मदद की गुहार लगाई। सरकार से आश्वासन तो मिला, लेकिन सड़क नहीं मिली। ग्रामीण परेशान थे। समस्या का हल नहीं निकला तो लॉकडाउन के दौरान ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाने की ठान ली।

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ग्राम प्रधान जितेंद्र की पहल पर ग्रामीणों ने हाथ में कुदाल-फावड़े उठाए और सड़क बनाने लगे। इस मेहनत का नतीजा आज सबसे सामने है। लोलटी-मेलठा मोटरमार्ग पर श्मशान गदेरे से शुरू हुआ सड़क कटिंग का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। गांव तक एक किलोमीटर लंबी सड़क पहुंच चुकी है। गांव में जो काम सालों में नहीं हुआ, उसे ग्रामीणों ने कुछ ही दिनों के भीतर कर दिखाया। अब इस गांव के पास अपनी सड़क है। जिस पर चलकर मरीज अस्पताल जा सकेंगे, बच्चे स्कूल जा सकेंगे। माल बज्वाड़ गांव के लोगों की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। लोग इन्हें सैल्यूट कर रहे हैं। कोरोना संकट के दौर में यही कहानियां हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। ये हम में बेहतरी की उम्मीद जगाती हैं। राज्य समीक्षा ऐसी कहानियां आप तक पहुंचाता रहेगा। अगर आपके पास भी स्वावलंबन की ऐसी ही कोई प्रेरणादायी कहानी हो तो हमसे जरूर शेयर करें। हम इन्हें मंच देने का प्रयास करेंगे।