Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
चमोली: अपने लाडले की खुशियों में शामिल होने की ख्वाहिश हर किसी मां-बाप की रहती है। वो लंबे समय तक इस पल का बेसब्री से इंतजार करते हैं। भारतीय सैन्य अकादमी में साल में दो बार यानी जून व दिसंबर में आयोजित होने वाली पासिंग आउट परेड में भी अक्सर ऐसा देखा जाता है। दरअसल परिजनों को उस वक्त का इंतजार रहता है जब वो अपने हाथों से अपने लाडले के कंधों पर पीप्स (सितारे) चढ़ा सके। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण ने न जाने कितने मां-पिता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बात हो रही है आईएमए से सटे प्रेमनगर के विंग नंबर-सात में रहने वाले सेना के रिटायर नायब सुबेदार मोहन सिंह रावत व उनकी पत्नी मोहिनी रावत की। मूलरूप से चमोली जिले के नारायणबगड़ ब्लॉक के बिनायक गांव निवासी रावत दंपत्ति का इकलौता बेटा हीरा सिंह रावत (दीपू) भी इस बार आईएमए से पास आउट होकर बतौर लेफ्टिनेंट सेना का अभिन्न अंग बना। आगे पढ़िए