उत्तराखंड: यूथ फाउंडेशन की मेहनत रंग लाई, इस बार 180 नौजवान गढ़वाल राइफल में शामिल

रिटा. कर्नल अजय कोठियाल ने पहाड़ में युवक-युवतियों को सेना में भर्ती होने की ट्रेनिंग देने की एक अनूठी पहल की, जो समूचे देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है।
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Garhwal Rifles: 180 from youth foundation recruited in Garhwal Rifle
Image: 180 from youth foundation recruited in Garhwal Rifle

देहरादून: हिमालयी अंचल के लोग जीवटता और कभी हार ना मानने के जज्बे के लिए जाने जाते हैं। जीवटता और जिंदादिली की ऐसी ही शानदार मिसाल हैं उत्तराखंड के रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल। कर्नल अजय कोठियाल भले ही सेना से रिटायर हो चुके हैं, लेकिन उनका मिशन देशसेवा अब भी जारी है। कर्नल अजय कोठियाल के नेतृत्व में गठित यूथ फाउंडेशन सेना के लिए जांबाज तैयार करने के काम में जुटा है। कर्नल अजय कोठियाल को एक जांबाज और दिलेर अफसर माना जाता है। इन्हीं खूबियों की वजह से उन्हें कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। कहते हैं हम सभी में एक न एक प्रतिभा छिपी होती है। यूथ फाउंडेशन इसी प्रतिभा को तराशने का काम कर रहा है। फाउंडेशन के नेतृत्व में भविष्य के फौजी तैयार किए जा रहे हैं। हाल में यूथ फाउंडेशन से ट्रेनिंग लेने वाले 180 कैडेट गढ़वाल राइफल्स का हिस्सा बने।

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सेना का हिस्सा बनने के लिए पहाड़ के युवाओं में खूब जोश और जुनून दिखता है। इस जोश को सही दिशा देने और युवाओं को सेना भर्ती के लिए तैयार करने के उद्देश्य से यूथ फाउंडेशन का गठन किया गया था। गठन से लेकर अब तक यूथ फाउंडेशन से ट्रेनिंग लेने वाले हजारों युवा भारतीय सेना का हिस्सा बन चुके हैं। सेना भर्ती के लिए ट्रेनिंग देने वाला ये संस्थान अब तक हजारों युवाओं की तकदीर बदल चुका है। हाल ही में संस्थान से ट्रेनिंग लेने वाले 180 युवा गढ़वाल राइफल्स का हिस्सा बने। 27 जून और 4 जुलाई को हुई पासिंग आउट परेड में पहाड़ के 180 सूरमाओं ने देशसेवा की शपथ ली। कोरोना काल के दौरान हुई पासिंग आउट परेड में यूथ फाउंडेशन से ट्रेनिंग लेने वाले 210 से ज्यादा युवा सेना का हिस्सा बन देश सेवा की राह पर कदम बढ़ा चुके हैं। जिनमें कुमाऊं मंडल के दो युवा गौरव और ललित भी शामिल हैं। ये दोनों पैरा कमांडो फोर्स का हिस्सा बनने में सफल रहे। यूथ फाउंडेशन की मीडिया टीम से जुड़े सुरेश कापड़ी बताते हैं कि फाउंडेशन अपने उद्देश्य में सफल रहा है।

  • कुल 400 कैडेट पास आउट हुए

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    गढ़वाल में चल रही पासिंग आउट परेड में कोर्स 91 और कोर्स 92 में कुल 400 कैडेट पास आउट हुए। जिनमें से 180 से ज्यादा कैडेट ऐसे थे, जिन्होंने यूथ फाउंडेशन से ट्रेनिंग ली थी। 9 महीने की कठिन ट्रेनिंग के बाद ये कैडेट्स अलग-अलग यूनिट का हिस्सा बन गए। कोरोना की वजह से इस बार परिजन अपने बेटों की कसम परेड में हिस्सा नहीं ले सके, लेकिन वो वीडियो कॉल के जरिए इस गौरवशाली पल के गवाह बने। परिजनों ने बेटों के सेना का हिस्सा बनने पर यूथ फाउंडेशन को धन्यवाद कहा।

  • यूथ फाउंडेशन में तैयार होते हैं सैनिक

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    यूथ फाउंडेशन के मीडिया प्रभारी अखिल जोशी ने बताया कि फाउंडेशन की तरफ से प्रदेश के 7 जिलों में कैंप लगाए जाते हैं, जहां युवाओं को सेना भर्ती के लिए तैयार किया जाता है। कोरोना संकट के दौरान फिलहाल कैंप बंद हैं, लेकिन यूथ फाउंडेशन से जुड़े युवा पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर लोगों की मदद के अभियान में जुटे हैं।