देश की रक्षा करते हुए देवभूमि के पांच वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। शहीद की 3 महीने की बेटी और 4 साल का बेटा है।
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Vinod Singh Bhandari Martyred in Kathua Terrorist Attack
टिहरी गढ़वाल: शहीद हुए जवानों में से एक जवान विनोद सिंह भंडारी हैं, जो मूल रूप से टिहरी के है, लगभग 8 साल पहले टिहरी से विस्थापित होकर देहरादून के अठूरवाला गांव में बस गए। तीन महीने पहले जब वे घर आए थे, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि वे इतनी जल्दी सबको छोड़कर चले जाएंगे।
Vinod Singh Bhandari Martyred in Kathua Terrorist Attack
देवभूमि के सपूतों को पूरा देश याद रखेगा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हमले को कायराना हमला बताते हुए बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी है। 29 वर्षीय शहीद विनोद सिंह भंडारी पुत्र वीर सिंह भंडारी का परिवार पिछले 8 वर्षों से डोईवाला के अठूरवाला में निवास कर रहा है। शहीद विनोद भंडारी तीन महीने पहले अपनी बेटी के जन्म के अवसर पर घर आए थे। शहीद की 3 महीने की बेटी और 4 साल का बेटा है।
पिता भी दे चुके हैं भारतीय सेना में सेवा
अमर शहीद विनोद सिंह भंडारी के पिता भी सेना में सेवा दे चुके हैं। वे तीन बहनों के इकलौते भाई थे और परिवार को उनकी शहादत पर गर्व है। उनका कहना है कि विनोद ने अपने कर्तव्य का पालन किया, लेकिन उनके बिछड़ने का दर्द भी स्पष्ट झलकता है।