टिहरी के डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बीते शुक्रवार को जिले के निरीक्षण के दौरान 48 कर्मचारियों को कूड़े-कचरे का निस्तारण करते हुए लापरवाही बरतने के ऊपर फटकार लगाई है और उनसे उनकी गलती का स्पष्टीकरण भी मांगा है-
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Komal Negi
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Image: DM Mangesh Ghildiyal asks for clarification from 48 employees
टिहरी गढ़वाल: जब से जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने टिहरी जिले की कमान संभाली है, तब से जिले में प्रशासनिक स्तर पर बेहद तेजी आई है। टिहरी जिले की कमान संभालने के साथ ही मंगेश घिल्डियाल ने यह बात साफ कर दी थी कि जिले में सरकारी काम में किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही सहन नहीं होगी। अगर उनको कोई लापरवाही करता हुआ दिखा तो उसके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इससे यह तो तय है कि टिहरी जिले के अंदर अब मुफ्त की रोटी तोड़ने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की खैर नहीं। हाल ही में डीएम मंगेश ने 48 कर्मचारियों को लापरवाही बरतने के ऊपर फटकार लगाई है। बता दें कि टिहरी में कूड़े-कचरे के निस्तारण के कुछ सख्त नियम हैं। हाल ही में कूड़े का सही ढंग से निस्तारण न करने पर जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कुल 48 सरकारी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
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जी हां, जिलाधिकारी ने हाल ही में जिले का निरीक्षण किया था जिसमें उनको लापरवाही मिली। कार्य के दौरान लापरवाही मिलने पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि भविष्य में अगर टिहरी जिले में इस तरह की लापरवाही दोहराई तो कर्मचारियों के सरकारी आवास निरस्त कर दिए जाएंगे और उनका वेतन भी रोक दिया जाएगा। बता दें कि बीते शुक्रवार की सुबह टिहरी के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ई और सी ब्लॉक में निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान नगर पालिका की गाड़ी में जैविक और अजैविक कूड़ा दोनों एक साथ डाले जा रहा था। जबकि खुद जिला अधिकारी ने यह ने निर्देश दिए थे कि जैविक और अजैविक कूड़ा अलग-अलग डाला जाए। इसके बावजूद उनके निर्देशों का उल्लंघन हुआ और सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही भी देखने को मिली
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जिस पर जिलाधिकारी ने कुल 48 सरकारी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं जिलाधिकारी ने उनको यह चेतावनी दी है कि अगर कर्मचारियों ने लापरवाही से कूड़ा फेंका और नियमानुसार कूड़े का निस्तारण नहीं किया तो आगे उनके ऊपर और कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी और उनका वेतन भी रोका जा सकता है। इसी के साथ डीएम मंगेश घिल्डियाल जिले की सभी क्षेत्रों में 18 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है जो इस बात का ध्यान रखेंगे की जैविक और अजैविक कूड़े को एक साथ नहीं डाला जा रहा है। यह अधिकारी बीती 29 और आज यानी कि 30 अगस्त को जिले के अलग-अलग निकायों में सुबह 7 बजे जाकर छानबीन करेंगे और जांच की पूरी रिपोर्ट 31 अगस्त यानी कि कल जिलाधिकारी को सौंपेंगे।