गांव तक पहुंचने के लिए डीएम मंगेश घिल्डियाल को 4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा, लेकिन ना तो डीएम ने कोई शिकायत की और ना ही अधिकारियों ने।
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Komal Negi
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Image: Tehri Garhwal DM Mangesh Ghildiyal good work
टिहरी गढ़वाल: अफसर होना सिर्फ एक ओहदा या नौकरी भर नहीं है, ये एक जिम्मेदारी है। उत्तराखंड खुशकिस्मत है, क्योंकि यहां ऐसे कई अफसर हैं। जो सिर्फ दफ्तरों में बैठने की बजाय खुद जनता के बीच पहुंच कर उनका दुख-दर्द बांटते हैं। ऐसे ही आईएएस अफसर हैं टिहरी गढ़वाल के डीएम मंगेश घिल्डियाल। कुशल कार्यशैली और ईमानदार छवि के लिए पहचाने जाने वाले डीएम मंगेश घिल्डियाल ने हाल ही में सौंग बांध क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए 4 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया। डीएम को पथरीले और टेड़े-मेढ़े रास्ते पर चलते देख उन अधिकारियों की भी हवा टाइट हो गई, जो अक्सर पैदल चलने से बचते नजर आते हैं। सौंग बांध क्षेत्र में पहुंचने के बाद डीएम ने वहां चल रहे कार्यों का जायजा लिया।
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सोमवार को डीएम मंगेश घिल्डियाल सौंग बांध क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। पहाड़ों में इस वक्त बारिश के चलते क्या हाल हो रखे हैं, ये आपको भी पता होगा। ऐसे खराब मौसम में जबकि अफसर पहाड़ी इलाकों का रुख करने से कतराते हैं, उस मुश्किल वक्त में भी डीएम पथरीले, उबड़-खाबड़ रास्तों पर 4 किलोमीटर पैदल चलकर सौंग बांध क्षेत्र में पहुंचे। डीएम ने कई किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर उन अधिकारियों को भी आईना दिखा दिया, जो पैदल चलने के नाम पर अक्सर नाक-भौं सिकोड़ते नजर आते हैं। निरीक्षण के दौरान डीएम मंगेश घिल्डियाल सौंग बांध परियोजना से प्रभावित होने वाले गांवों में पहुंचे। ये दूरी तय करने के लिए उन्हें 4 किलोमीटर से ज्यादा पैदल चलना पड़ा।
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इन दिनों सौंग क्षेत्र में ठंडा पानी से रगडगांव तक रास्ता खराब है। डीएम मंगेश घिल्डियाल की जगह कोई और अफसर होता तो शायद खराब रास्ता देख उल्टे पांव वापस लौट जाता, लेकिन डीएम ने ऐसा नहीं किया। डीएम पैदल चलकर प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उन्होंने ग्रामीणों को समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने डीएम से सौंदणा नदी पर पुल बनाने, प्रभावित ग्रामीणों को जमीन देने और सर्किल रेट बढ़ाने संबंधी मांगें रखीं। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं के तुरंत निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही ठंडा पानी क्षेत्र से रगड़गांव तक क्षतिग्रस्त मोटरमार्ग को तुरंत सुचारू करने के लिए कहा, ताकि लोगों को पैदल ना चलना पड़े।