टिहरी झील की खूबसूरती ने विश्वभर के पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। यही वजह है कि सरकार भी झील और उसके आस-पास के क्षेत्र को विकसित करने के प्रयास में जुटी है।
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Komal Negi
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Image: Tehri lake will become an international tourism place
टिहरी गढ़वाल: कोरोना काल के छह महीने बाद आखिरकार उत्तराखंड के पर्यटन पर लगा ‘लॉक’ खुल गया है। पर्यटक स्थल सैलानियों से गुलजार नजर आ रहे हैं। राज्य सरकार भी पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही है। आने वाले वक्त में इन परियोजनाओं का फायदा उत्तराखंड और यहां के निवासियों को मिलेगा। इसी के तहत टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। यहां बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। टिहरी झील पर देश का सबसे लंबा सिंगल लेन सस्पेंशन ब्रिज डोबरा-चांठी बनकर तैयार है, जल्द ही इसे आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। इसके अलावा टिहरी झील के चारों तरफ आउटर रिंग रोड विकसित करने की कवायद भी जारी है। प्रोजेक्ट के तहत झील के आस-पास सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। टिहरी झील के चारों तरफ बनने वाली रिंग रोड 234 किमी लंबी होगी। जिस पर 3400 करोड़ की लागत आएगी। प्रोजेक्ट की तैयारियों को लेकर देहरादून में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें मुख्य सचिव ने रिंग रोड प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जल्द फिजिबिलिटी और वायबिलिटी रिपेार्ट तैयार किए जाने के निर्देश दिए। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इस रिपोर्ट को मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। आगे पढ़िए
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बैठक में सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस रोड के बनने से टिहरी में पर्यटन को पंख लगेंगे। टिहरी झील के किनारे बनने वाली रिंग रोड पर्यटन के लिहाज से अहम साबित होगी। सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि रिंग रोड को पर्यटकों के लिहाज से विकसित किया जाएगा। सड़क किनारे व्यू प्वाइंट बनेंगे। शौचालय, पार्किंग, होटल, ढाबे और पेट्रोल पंप की सुविधा दी जाएगी। रिंग रोड टिहरी डैम से होते हुए चाह गडोलिया, पिलखी, घनसाली, सेंदुला और पिपोला तक जाएगी। इस सड़क की लंबाई होगी 66.4 किलोमीटर। पिपोला से घोंटी पुल होते हुए म्यूड़ा तक 16 किमी नई सड़क बनेगी। डबल लेन रिंग रोड छह मीटर चौड़ी होगी, जिसके किनारे फुटपाथ और साइकिल ट्रैक बनेंगे। आपको बता दें कि टिहरी झील 42 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली है। जिसके किनारों पर 234 किलोमीटर लंबी रिंग रोड बनाई जाएगी। इसके बनने से टिहरी झील की खूबसूरती तो बढ़ेगी ही, साथ ही पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।