उत्तराखंड: विधायक की गैस एजेंसी में काम करने वाले कर्मचारी की मौत, मचा बवाल

मरने वाला कर्मचारी जिस गैस एजेंसी में काम करता था, वो ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर की है। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Haridwar News: Youth dies in Haridwar Gas Agency
Image: Youth dies in Haridwar Gas Agency

हरिद्वार: हरिद्वार में गैस एजेंसी कर्मचारी की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिवार वाले शव को जमालपुर स्थित गैस गोदाम ले गए, जहां उन्होंने शव रखकर विरोध-प्रदर्शन किया। बवाल बढ़ने के बाद गैस एजेंसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया। मृतक के परिजन मुआवजे की मांग कर रहे थे। मुआवजे का आश्वासन मिलने के बाद कहीं जाकर परिजन शव ले जाने को तैयार हुए। घटना जमालपुर कलां गांव की है। उत्तरी हरिद्वार के कनखल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जमालपुर कलां गांव में गैस एजेंसी का गोदाम है। ये गैस एजेंसी ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर की है। गैस एजेंसी में हजरतपुर बदायूं का रहने वाला पप्पू नाम का कर्मचारी काम करता था। पप्पू पिछले कई साल से जमालपुर स्थित गैस गोदाम में काम कर रहा था। पप्पू का परिवार भी जमालपुर कलां गांव में ही रहता है। शनिवार को पप्पू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसकी लाश गोदाम के पास आम के पेड़ पर गमछे से लटकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को अपने कब्जे में ले लिया। आगे पढ़िए

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पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि पप्पू ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। रविवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद गुस्साए परिजन शव लेकर जमालपुर कलां स्थित गैस एजेंसी के गोदाम पर पहुंच गए और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। हंगामा बढ़ा तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के परिजनों को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो माने नहीं। मृतक पप्पू के परिजन कर्ज माफी के साथ मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक मुआवजे का आश्वासन नहीं मिलेगा, वो शव नहीं ले जाएंगे। बवाल बढ़ने पर गैस एजेंसी के मैनेजर ने इस बारे में विधायक सुरेश राठौर को बताया। उनकी सहमति मिलने के बाद मैनेजर ने परिजनों को मुआवजे के तौर पर दो लाख रुपये देने का आश्वासन दिया। मृतक पप्पू पर 10 हजार रुपये का कर्ज था। गैस एजेंसी ने कर्ज माफ करने के साथ ही शव को बदांयू ले जाने के लिए एंबुलेंस का भी इंतजाम किया। तब कहीं जाकर परिजन शव अपने साथ ले गए।