उत्तराखंड: साढ़े 3 साल पूरे होने पर बोले सीएम त्रिवेन्द्र, जनता से किए 85 फीसदी वादे पूरे

मुख्यमंत्री रावत ने अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तराखंड में अब तक अपने 85 फीसदी वादे पूरे किए हैं।
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Uttarakhand CM: Three and a half years of Trivendra government in Uttarakhand
Image: Three and a half years of Trivendra government in Uttarakhand

देहरादून: त्रिवेंद्र सरकार को उत्तराखंड में साढ़े 3 साल पूरे हो गए हैं। जल्द ही राज्य में चुनाव दस्तक देने वाले हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी सरकार कार्यकाल में हुए सभी विकास कार्यों को जनता के समक्ष पेश किया है। मुख्यमंत्री रावत ने सभी सेक्टरों में कांग्रेस कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों को अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों के बीच तुलनात्मक आंकड़े भी दिए हैं। मुख्यमंत्री रावत ने अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियों को गिनाते हुए यह कहा है कि भाजपा सरकार ने उत्तराखंड में अब तक अपने 85% वादे पूरे किए हैं। उन्होंने उत्तराखंड के हर सेक्टर में किए गए कार्यों का एक संक्षिप्त ब्यौरा जनता के सामने रखा और उन्होंने कहा कि उन्होंने गांव से लेकर शहर तक, बीजेपी ने उत्तराखंड में काफी विकास किया है और जनता का दिल जीता है। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में टूटे रिकॉर्ड्स..आज 2 हजार लोग पॉजिटिव, 14 लोगों की मौत..40 हजार के पार आंकड़ा
राज्य में इस समय सबसे अहम मुद्दा रोजगार के विषय में सीएम ने कहा कि अप्रैल 2017 से सितंबर 2020 तक विभिन्न विभागों के अंतर्गत तकरीबन 71,2000 से भी अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया गया है। वहीं उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों की बात करें तो इसके माध्यम से कांग्रेस कार्यकाल के दौरान 2014 से लेकर 2016 तक कुल 8 परीक्षाएं आयोजित की गई थीं जिनमें से 801 पदों पर चयन किया गया था। जबकि 2017 से लेकर 2020 तक कुल 59 परीक्षाएं आयोजित की गई हैं जिनमें से 6000 हजार पदों पर चयन किया गया और वर्तमान में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में कुल 7200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही हैं। लंबे समय से राजधानी गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग चल रही थी, उसको भी त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में राजधानी के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाओं के विकास की कार्य योजना भी बनाई जा रही है, जिसको जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। इसी के साथ उन्होंने कहा की चारधाम में श्रद्धालुओं की सुविधा और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को मध्य नजर रखते हुए चार धाम देवस्थानम बोर्ड का गठन किया गया है। इसी के साथ चार धाम को और अधिक आकर्षक और सुंदर बनाने के लिए उसके सौंदर्यीकरण हेतु केदारनाथ धाम मास्टर प्लान और बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान भी लागू किया गया है। उसको भी जल्दी धरातल पर उतारा जाएगा।

यह भी पढ़ें - गढ़वाल: दुर्मी गांव के शिव सिंह को बधाई, उत्तराखंड पुलिस ने बनाया वॉलेंटियर ऑफ द मंथ
अपने कार्यकाल में हुए अहम कार्यों के तहत मुख्यमंत्री रावत ने अटल आयुष्मान योजना का भी जिक्र किया, जिसमें राज्य के सभी परिवारों को 5 लाख तक निशुल्क: चिकित्सा सुविधा देने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। अभी तक कुल 2 लाख 5 हजार मरीजों को इस योजना के तहत निशुल्क उपचार मिला है जिस पर 180 करोड रुपए से भी अधिक खर्च किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से भी उत्तराखंड में बीजेपी के कार्यकाल के दौरान काफी अधिक इजाफा हुआ है। न्यू डेस्टिनेशन से नए पर्यटन केंद्रों का विकास हो रहा है और होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी काफी अधिक मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न रूप में प्रोजेक्ट पर भी काम किया जा रहा है। जल संरक्षण पर भी काफी काम किया गया है। प्रदेश की तमाम नदियों, झीलों और तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए भी जल अभियान शुरू किया गया है। इसी के साथ उन्हें राज्य के हित में लिए शुरू की गई तमाम परियोजनाओं के नाम गिनवाए जिनमें से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चार धाम सड़क परियोजना, केदारनाथ धाम पुनर्निमाण, बद्रीनाथ धाम पुनर्निर्माण, ऑल वेदर रोड मुख्य हैं। वहीं रिवर्स पलायन जो इस समय राज्य की सबसे बड़ी जरूरत है उस पर सीएम रावत ने कहा कि उत्तराखंड में पहली बार किसी सरकार ने रिवर्स पलायन पर ठीक तरीके से काम किया है। उन्होंने कहा की सभी न्याय पंचायतों के क्लस्टर आधारित अप्रोच पर ग्रोथ सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इसी के साथ हर गांव में बिजली पहुंचाई गई है और सभी किसानों को 3 लाख और महिला स्वयं सहायता समूह को 5 लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड के 5 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट
इसी के साथ उन्होंने बताया कि पिछले 3 सालों में उत्तराखंड में तकरीबन हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। नीति आयोग द्वारा जारी भारत नवाचार सूचकांक 2019 में पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड सर्वश्रेष्ठ 3 राज्यों में शामिल है। वहीं उधम सिंह नगर जिले को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान में देश के सर्वश्रेष्ठ 10 जिलों में चुना गया है। मातृत्व मृत्यु दर में भी सर्वाधिक कमी के लिए उत्तराखंड को भारत सरकार की ओर से पुरस्कार दिया गया था। सबसे मुख्य जो इस समय चल रहा है और जिसपर बात करना बेहद जरूरी है वह है कोरोना वायरस। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा उत्तराखंड में सभी के सहयोग से कोविड-19 के खिलाफ बड़े स्तर पर लड़ाई लड़ी जा रही है और उनको भरोसा है कि उत्तराखंड जल्द ही कोरोना को मात देने में सफल होगा। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए सभी निर्णय लिए जा रहे हैं। सरकार द्वारा टेस्टिंग और सैंपलिंग पर सबसे अधिक फोकस किया जा रहा है। राज्य में है सिस्टम को मजबूत करने के लिए पर्याप्त संख्या में आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सपोर्ट बेड उपलब्ध हैं। बता दें कि राज्य के सभी जनपदों में आईसीयू स्थापित किए जा चुके हैं। विभिन्न प्राइवेट लाभ में कोविड-19 के सांसदों की जांच की जा रही है। राज्य में वर्तमान में 481 आईसीयू बेड, 1846 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड,30,500 आइसोलेशन वॉर्ड उपलब्ध हैं। कुल मिला कर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य में कोरोना काल में राज्य सरकार द्वारा बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं जो कि लाभदायक साबित हुए हैं।