उत्तराखंड में AAP का कुनबा बढ़ा, सैकड़ों समर्थकों के साथ जितेंद्र मलिक ने ज्वाइन की पार्टी

उत्तराखंड में आप अपना कुनबा बढ़ाने में जुटी हुई है। आम आदमी पार्टी की नजर उन नेताओं पर भी है, जो अपनी पार्टियों में हाशिए पर धकेल दिए गए हैं।
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Aap uttarakhand: Uttarakhand jitendra malik joined aap
Image: Uttarakhand jitendra malik joined aap

हरिद्वार: उत्तराखंड में साल 2022 का चुनावी रण दिलचस्प होने वाला है। विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी आम आदमी पार्टी हर स्तर पर अपनी पैठ बनाने की कोशिश में जुटी है। जनसंपर्क हो या फिर लोगों को अपने साथ जोड़ना, आप जमीनी स्तर पर काम कर रही है। साथ ही आम आदमी पार्टी की नजर उन नेताओं पर भी है, जो अपनी पार्टियों में हाशिए पर धकेल दिए गए हैं। ऐसे लोगों को आम आदमी पार्टी अपने साथ जोड़कर प्रदेश में लगातार अपना कुनबा बढ़ा रही है। इसी कड़ी में रविवार को सपा नेता जितेंद्र मलिक भी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। हरिद्वार के रुड़की में हुए विशेष कार्यक्रम में जितेंद्र मलिक ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। आप के प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: ट्रक ने मंदिर के पुजारी को रौंदा, दर्दनाक मौत... गांव वालों ने काटा बवाल
रुड़की की सैनी धर्मशाला में हुए सदस्यता कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के नेता जितेंद्र मलिक ने आप की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान सपा नेता के साथ सैकड़ों समर्थक भी मौजूद थे। जिन्होंने आप की सदस्यता ली। कार्यक्रम में जितेंद्र मलिक ने कहा कि वो अपने घर वापस आये हैं। अब वो मजबूती से जनता के हितों की लड़ाई, आम आदमी की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को तीसरे राजनैतिक विकल्प की तलाश थी। जो कि आम आदमी पार्टी के रूप में उनके सामने है। अब जनता बीजेपी और कांग्रेस को मुंहतोड़ जवाब देगी। आप के प्रदेश अध्यक्ष एसएस कलेर ने कहा कि जनता बीजेपी और कांग्रेस के मंसूबे भांप चुकी है। लोगों को पता है कि एक अच्छा शासन केवल आप ही चला सकती है। दिल्ली मॉडल प्रदेश की जनता को भा रहा है। अब उत्तराखंड में आप गरीब, मजदूर और किसानों की लड़ाई सड़कों पर उतर कर लड़ेगी।