रुद्रप्रयाग: शक्तिशाली ‘चिनूक’ के स्वागत को तैयार केदारघाटी, बन गया है हेलीपैड

चिनूक के जरिए केदारनाथ धाम में भारी मशीनें पहुंचाई जानी हैं। जिनका इस्तेमाल केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यो में होगा।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Kedarnath Chinook Helicopter: Helipad ready for Chinook helicopter in Kedarnath
Image: Helipad ready for Chinook helicopter in Kedarnath

रुद्रप्रयाग: केदारघाटी वायु सेना के मालवाहक हेलीकॉप्टर चिनूक के स्वागत के लिए तैयार है। केदारनाथ में हेलीपैड तैयार हो गया है। अब चिनूक हेलीकॉप्टर के जरिए यहां भारी मशीनें पहुंचाया जाना संभव हो सकेगा। सामरिक दृष्टि से केदारनाथ धाम में बना ये हेलीपैड बेहद महत्वपूर्ण है। इस वक्त भारत-चीन के बीच कैसे हालात बने हुए हैं, आप जानते ही हैं। भारत और चीन के बीच सीमा पर अप्रैल-मई से तनाव की स्थिति बरकरार है। लगातार मिलिट्री और डिप्‍लोमेटिक लेवल पर बातचीत के बावजूद टकराव खत्‍म नहीं हो पा रहा। उत्तराखंड की सीमाएं भी चीन से सटी है, इसलिए सीमा पर जारी तनाव का असर यहां भी दिख रहा है। भारतीय सेना यहां सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद करने में जुटी है। इसी कड़ी में केदारनाथ धाम में चिनूक हेलीकॉप्टर को उतारने की मंजूरी दी गई थी। अब यहां चिनूक जैसे विशाल हेलीकॉप्टर के लिए हेलीपैड तैयार किया गया है।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: कोरोना के खौफ के बीच गुड न्यूज, आज 1031 मरीज स्वस्थ..देखिए नई लिस्ट
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी डीडीएमए ने केदारनाथ में हेलीपैड बनाया है। जल्द ही वायु सेना की टीम इस हेलीपैड का निरीक्षण करेगी। जिसके बाद चिनूक केदारनाथ के लिए उड़ान भरेगा। चिनूक के जरिए केदारनाथ धाम में भारी मशीनें पहुंचाई जानी हैं। जिनका इस्तेमाल केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यो में होगा। इससे वहां निर्माण कार्य में तेजी आएगी। केदारनाथ धाम में दूसरे चरण के पुनर्निर्माण कार्य अक्टूबर से शुरू होने हैं, जिसके लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। चलिए अब आपको केदारनाथ धाम में बने हेलीपैड के बारे में बताते हैं। धाम में साल 2015 में एमआई-26 हेलीकॉप्टर उतारने के लिए हेलीपैड बनाया गया था। इसी हेलीपैड का विस्तार कर इसे चिनूक के लिए तैयार किया गया है।

यह भी पढ़ें - ब्रेकिंग: उत्तराखंड में आज 684 लोग कोरोना पॉजिटिव, 13 लोगों की मौत
इसके लिए हेलीपैड के एक हिस्से से गढ़वाल मंडल विकास निगम के 45 कॉटेज हटाए गए। यहां हेलीपैड के लिए 50 मीटर चौड़ा और 100 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। अक्टूबर के पहले हफ्ते तक हेलीपैड को फाइनल टच दिया जाएगा। जिसके बाद चिनूक की सफल लैंडिंग के लिए शासन की टीम इसकी रेकी करेगी। चिनूक हेलीकॉप्टर 11 टन तक भारी सामान ले जाने में सक्षम है। ये ऊंचे और दुर्गम इलाकों तक भारी सामान पहुंचा सकता है। साथ ही हर मौसम और दिन-रात उड़ान भरने में भी चिनूक सक्षम है। आपको बता दें कि पिछले दिनों मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने डीडीएमए को दस दिन के भीतर चिनूक के लिए हेलीपैड तैयार करने के निर्देश दिए थे। जिस पर अमल करते हुए डीडीएमए ने यहां हेलीपैड बनाया है।