30 सितंबर से उत्तराखंड और दूसरे राज्यों के बीच अंतरराज्यीय परिवहन शुरू हो जाएगा। साथ ही किराये को लेकर भी राज्य सरकार ने एक बड़ी राहत दी है। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Komal Negi
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Image: SOP issued for Uttarakhand inter state transport
देहरादून: लॉकडाउन में थमीं अंतरराज्यीय परिवहन सेवाएं एक बार फिर रफ्तार पकड़ने को तैयार हैं। 30 सितंबर से उत्तराखंड से दूसरे राज्यों के लिए बसों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू होने के साथ ही यात्रियों का छह महीने का इंतजार खत्म हो जाएगा। लोग अंतरराज्यीय परिवहन सेवाओं के माध्यम से उत्तराखंड से दूसरे राज्यों में जा सकेंगे। दूसरे राज्यों में रह रहे लोग उत्तराखंड पहुंच सकेंगे। इसके अलावा यात्रियों को जो सबसे बड़ी राहत मिली है, वो ये है कि कोरोना काल के दौरान जो किराया बढ़ाया गया था, वो नहीं लिया जाएगा। किराये की दरें सामान्य रहेंगी। यानी कोरोना काल से पहले जो किराया लागू था, वही लिया जाएगा। आपको बता दें कि कोरोना काल के दौरान अंतरजनपदीय परिवहन के लिए किराए में डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी की गई थी, जिससे यात्री परेशान थे। यात्री सिर्फ जरूरत होने पर ही यात्रा कर रहे थे, बसों में सवारियां कम होने की वजह रोडवेज को भी घाटा उठाना पड़ रहा था। यात्रियों पर भी अधिक किराये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। अब ये व्यवस्था खत्म कर दी गई है। आगे पढ़िए
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राज्य सरकार ने सोमवार को इसके लिए मानक प्रचालन विधि (एसओपी) जारी कर दी। जिसमें साफ लिखा है कि यात्रियों से किसी भी कीमत पर ज्यादा किराया ना वसूला जाए। आदेश के तहत कोरोना काल से पहले लिया जा रहा किराया फिर से लागू कर दिया गया है। एसओपी तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इसमें लिखा है कि यात्रियों से राज्य परिवहन प्राधिकरण की पूर्व में निर्धारित दरों के हिसाब से ही किराया वसूला जाएगा। टैक्सी कैब, बस, मैक्सी कैब, थ्री व्हीलर संचालक और ऑटो-विक्रम निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार ही सवारी बैठाएंगे। बसों में थूकना दंडनीय अपराध है। अगर किसी यात्री में कोरोना के लक्षण दिखते हैं, तो ड्राइवर को इस बारे में स्वास्थ्य केंद्र या पुलिस को सूचना देनी होगी। बसों में खड़े होकर यात्रा करने पर रोक रहेगी। यात्री और वाहन के चालक और परिचालक को फोन में आरोग्य सेतु डाउनलोड करना और इसका इस्तेमाल करना होगा। परिवहन निगम के एमडी के अनुसार रोडवेज की बसों का संचालन 30 सितंबर से शुरू हो जाएगा। पहले चरण में राज्यों के बीच हर दिन बसों के 100-100 फेरों के संचालन की अनुमति दी गई है। फिलहाल सिर्फ उन्हीं राज्यों के लिए बसें चलाई जाएंगी। जिनके साथ उत्तराखंड का अंतरराज्यीय परिवहन को लेकर करार हुआ है।