उत्तराखंड: 13 साल की नेहा, 18 साल की चंपा..अब 45 साल की महिला..1 हफ्ते में गुलदार के 3 शिकार

पहले 13 साल की नेहा, फिर 18 साल की चंपा और अब 45 साल की खीमुली देवी गुलदार का शिकार बन गई। घटना के बाद लोग डरे हुए हैं, लोगों में वन विभाग को लेकर गुस्सा चरम पर है।
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Image: Nainital okhalkanda leopard news

नैनीताल: नैनीताल में नरभक्षी गुलदार का आतंक चरम पर है। एक हफ्ते के भीतर गुलदार ने तीन जिंदगियां लील लीं, लेकिन वन विभाग गुलदार के खात्मे के लिए अब तक ठोस कार्य योजना नहीं बना पाया। पहले 13 साल की नेहा, फिर 18 साल की चंपा और अब 45 साल की खीमुली देवी गुलदार का शिकार बन गई। शुक्रवार को ओखलकांडा ब्लॉक में गुलदार ने एक और महिला को अपना शिकार बना लिया। महिला अपने गांव के पास ही खेतों में घास काट रही थी। तभी घात लगाए गुलदार ने महिला पर हमला कर दिया और उसे मार डाला। गांव के लोग जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। गुलदार ने उसका पूरा शव खा लिया था। घटना को लेकर गांव वालों में रोष है। उन्होंने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। ओखलकांडा ब्लॉक में पिछले एक हफ्ते के भीतर गुलदार 3 लोगों को मार चुका है। गुलदार के हमले की ताजा घटना देहना गांव में हुई। आगे पढ़िए

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जहां 45 वर्षीय खीमुली देवी घर के आंगन के पास खेत में घास काट रही थी। तभी गुलदार ने खीमुली देवी पर हमला कर दिया। महिला का चीख सुन कर ग्रमीण तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां कोई नहीं दिखा। गुलदार महिला को खींचते हुए जंगल की तरफ ले गया। बाद में परिजनों और ग्रामीणों को महिला की लाश जंगल में पड़ी मिली। गुलदार ने महिला का पूरा सिर खा लिया था। शरीर से मांस गायब था। एक के बाद एक तीन मौतों से ओखलकांडा में मातम पसरा है..लोगों में वन विभाग को लेकर गुस्सा है। विधायक राम सिंह कैड़ा ने भी विभाग को लेकर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गुलदार ने एक हफ्ते के भीतर 3 जिंदगियां लील लीं, लेकिन डीएफओ चंपावत आज तक क्षेत्र का मुआयना करने नहीं आए। वन विभाग ने कोई टीम भी नहीं भेजी, क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बरकरार है। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में शिकारी दल भेजने की मांग की, ऐसा ना करने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। आपको बता दें कि इससे पहले तुषराड़ गांव में रहने वाली 13 साल की नेहा गुलदार का निवाला बनी थी। बाद में बजवाल तोक में 18 साल कि युवती को गुलदार ने मार डाला। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।