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देहरादून: प्रदेश में दो नवंबर से स्कूल खुलने हैं। शिक्षा विभाग तैयारियों में जुटा है, लेकिन जैसे हालात बने हुए हैं, उसे देख स्कूलों का खुलना मुश्किल लग रहा है। निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि जब तक 50 फीसदी बच्चे स्कूल नहीं आएंगे, वो स्कूल नहीं खोलेंगे। सरकार ने जो सख्त नियम बनाए हैं, उन्हें लेकर निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी है। निजी स्कूलों के साथ-साथ सरकारी स्कूल भी खुलेंगे या नहीं, ये भी तय नहीं है। दरअसल सरकारी स्कूलों ने भी साफ कह दिया है कि वो सुरक्षा के सारे मानकों का पालन करेंगे, लेकिन संक्रमण फैला तो जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। कुल मिलाकर सरकारी स्कूलों ने भी बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है। निजी और सरकारी स्कूलों का कहना है कि अगर संक्रमण फैला तो वो जिम्मेदारी नहीं लेंगे। ऐसे में किसी भी तरह की कार्रवाई का विरोध किया जाएगा। निजी और सरकारी स्कूलों के पास स्कूल ना खोलने को लेकर अपनी वजहें हैं। स्कूलों का कहना है कि वो इस बात की जिम्मेदारी कैसे ले सकते हैं कि बच्चे संक्रमित नहीं होंगे।