Advertisement
भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
देहरादून: कोरोना काल में अनलॉक के तहत धीरे-धीरे सभी सेवाएं बहाल की जा रही हैं। 2 नवंबर से प्रदेशभर में स्कूल भी खुल जाएंगे। पहले चरण में 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा। एसओपी भी जारी कर दी गई है, लेकिन स्कूल खुलेंगे या नहीं इसे लेकर अब तक कुछ क्लीयर नहीं हो पाया है। बात करें देहरादून की तो यहां निजी स्कूलों के खुलने की संभावना कम ही लग रही है। इसके पीछे कई वजहें हैं। पहली वजह तो ये है कि पैरेंट्स अभी बच्चों को स्कूल भेजने का मन नहीं बना पाए हैं। सुरक्षा को लेकर होने वाले इंतजामों को लेकर उनके मन में डाउट है। निजी स्कूल संचालक भी स्कूल खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। इसके पीछे सरकार द्वारा थोपे गए नियम एक बड़ा कारण हैं। दरअसल सरकार ने एसओपी में शर्त रखी है कि अगर आवासीय स्कूल में किसी बच्चे को संक्रमण हुआ तो स्कूल जिम्मेदार होंगे। ऐसा होने पर स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यही वजह है कि निजी स्कूल जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। आगे पढ़िए