उत्तराखंड में 17 नवंबर से खुलेंगे आवासीय स्कूल...2 मिनट में जानिए पूरी गाइडलाइन

उत्तराखंड में बीते 2 नवंबर से स्कूल खुलने के बाद अब आने वाले 17 नवंबर से दसवीं और बारहवीं के छात्र एवं छात्राओं के लिए सरकारी आवासीय स्कूल भी खुलने जा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने जारी की एसओपी-
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Uttarakhand boarding school: Boarding school to open soon in uttarakhand
Image: Boarding school to open soon in uttarakhand

देहरादून: प्रशासन की तरफ से आने वाले 17 नवंबर से आवासीय स्कूल खोले जाने को लेकर एसओपी भी जारी कर दी है। एसओपी के अनुसार स्कूल खोलने से पहले सभी स्टाफ और छात्र एवं छात्राओं को कोविड-19 की जांच कराना अनिवार्य होगा। शिक्षा महानिदेशक आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से यह आदेश जारी कर दिया है। आदेश के तहत स्कूल खोलने से पहले स्कूल के सभी स्टाफ समय छात्र एवं छात्राओं को अधिकतम 72 घंटे पहले की कोविड-19 की नेगेटिव रिपोर्ट स्कूल के प्रिंसिपल के माध्यम से संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी और शिक्षा मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिखानी पड़ेगी। वहीं स्कूल का समय-समय पर निरीक्षण में होता रहेगा जिससे उसके अंदर चलने वाली गतिविधियों के ऊपर ध्यान दिया जा सके। मुख्य शिक्षा अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट या उप जिलाधिकारी स्कूल का निरीक्षण करेंगे और निरीक्षण के दौरान छात्रावास में छात्रों के बीच उचित शारीरिक दूरी, आवासीय विद्यालय में भोजन बनाने एवं वितरण आदि संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा भी करेंगे

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वहीं संक्रमण को मध्यनजर रखते हुए आवासीय स्कूल परिसर का समय-समय पर सैनिटाइजेशन भी कराया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्कूल परिसर में रहने वाले स्टाफ का बाहर के व्यक्तियों से कम से कम कांटेक्ट हो और स्कूल परिसर में बाहरी संक्रमण को आने से रोका जा सके। इसके लिए स्कूल के सभी स्टाफ की स्कूल के परिसर में नियमित रूप से निवास की व्यवस्था कर ली गई है। सरकारी आवासीय स्कूलों में अलग-अलग क्वारंटाइन सेंटर भी बनाए जाएंगे। यदि किसी छात्र एवं छात्राओं को क्वारंटाइन में रखा जाता है तो उसकी सुरक्षा, भोजन और ऑनलाइन क्लासेस की सभी जिम्मेदारी स्कूल की होगी। शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी की गई एसओपी के अंदर यह भी कहा गया है कि हर जिले में जिला अधिकारी द्वारा सरकारी आवासीय स्कूलों की मॉनिटरिंग एवं एसओपी का पालन कराने के लिए एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को जिले का जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।

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सभी जिले के नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी आवासीय स्कूलों के अंदर कोविड-19 के नियमों का ठीक से पालन हो रहा है या नहीं। कंटेनमेंट जोन में सरकारी आवासीय स्कूल नहीं खुलेंगे और वहां पाबंदी जारी रहेगी। जो इलाके कंटेनमेंट जोन घोषित नहीं हुए हैं, केवल वहीं पर आवासीय स्कूल खुलेंगे। शिक्षा सचिव के आदेश में कहा गया है कि कंटेनमेंट जोन के बाहर शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे राज्य के आवासीय विद्यालय ही खुलेंगे। यदि कोई अभिभावक वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अपने बच्चे को स्कूल भेजने के लिए असहमत है, तो ऐसे में छात्र पहले की तरह ही ऑनलाइन पढ़ाई कर अपने घर पर सुरक्षित रह सकेंगे। कोई भी स्कूल किसी भी अभिभावक के ऊपर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए दबाव नहीं बनाएगा।