गढ़वाल: शराब के नशे में हैवान बना पति..पत्नी को पीट पीटकर मार डाला

बीते 25 नवंबर को 27 साल की बबीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बबीता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति लक्ष्मण को गिरफ्तार किया है। आगे पढ़िए पूरी खबर
Advertisement 90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Chamoli news: Man arrested for killing in chamoli
Image: Man arrested for killing in chamoli

चमोली: पहाड़ में नशे की लत लोगों का घर-परिवार तबाह कर रही है। पिछले दिनों अल्मोड़ा में नशे में धुत एक शख्स ने अपनी पत्नी को कुल्हाड़ी से काट दिया था। अब ऐसी ही एक घटना चमोली में हुई है। यहां थराली में पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है। जिस पर शराब के नशे में पत्नी की हत्या करने का आरोप लगा है। घटना सणकोट इलाके की है। जहां 25 नवंबर को लक्ष्मण सिंह की पत्नी बबीता (27) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के दो दिन बाद 27 नवंबर को बबीता के पिता दीवान सिंह ने उसके पति लक्ष्मण सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था। नारायणबगड़ के रहने वाले दीवान सिंह का कहना था कि उनकी बेटी की मौत स्वाभाविक नहीं है। पति लक्ष्मण सिंह ने ही शराब के नशे में बबीता की हत्या की है। दामाद लक्ष्मण को शराब की लत है। बबीता विरोध करती थी, तो लक्ष्मण उसे पीटता था। उन्होंने इस संबंध में एक तहरीर राजस्व उप निरीक्षक असेड सिमली को दी थी। राजस्व पुलिस ने मामला रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया था। आगे पढ़ें

यह भी पढ़ें - पहाड़ के गरीब किसान की गौशाला में लगी आग..जिन्दा जले गाय, भैंस और बकरियां
जांच के बाद गुरुवार को थराली पुलिस ने आरोपी लक्ष्मण सिंह को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जिला कारागार भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। आरोपी पति से पूछताछ जारी है। आपको बता दें कि पिछले महीने ऐसी ही एक घटना अल्मोड़ा में भी हुई थी। जहां करवाचौथ के एक दिन पहले नशे में धुत पति ने अपनी पत्नी को पहले लाठी से पीटा। बाद में उसकी कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। मरने वाली महिला का नाम बीना जोशी था। 39 साल की बीना देवी की हत्या के बाद आरोपी पति दयाकिशन जोशी जेल चला गया, जबकि उनके तीन छोटे बच्चों और दयाकिशन की बुजुर्ग मां के सामने परवरिश का संकट पैदा हो गया। मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद तीनों बच्चे बेसहारा हो गए हैं।