उत्तराखंड: मवेशियों को घास देने जा रही थी लीला देवी..गुलदार ने उतारा मौत के घाट, गांव में दहशत

बीते दो दिन में गुलदार के हमले में दो लोगों की मौत के बाद क्षेत्र में मातम पसरा है। लोग दुखी हैं, साथ ही उनमें वन विभाग को लेकर गुस्सा भी है।
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Pithoragarh Leopard: Leopard hunted woman in Pithoragarh
Image: Leopard hunted woman in Pithoragarh

पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ में आदमखोर गुलदार आतंक का पर्याय बना हुआ है। पिछले दो दिन में गुलदार के हमले में दो लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। डरे हुए लोग शाम होने से पहले ही घरों में कैद हो जाते हैं, लेकिन लोगों को राहत देने के लिए वन विभाग कोई ठोस कार्ययोजना अब तक नहीं बना पाया है। बीते दो दिन में गुलदार के हमले में दो लोगों की मौत के बाद क्षेत्र में मातम पसरा है। लोग दुखी हैं, साथ ही उनमें वन विभाग को लेकर गुस्सा भी है। गुलदार ने पहले मोड़ी गांव में एक महिला को मारा। बाद में रिण ग्राम सभा में भी एक महिला को अपना शिकार बना लिया। रिण ग्रामसभा में शनिवार को गुलदार के हमले में मारी गई महिला का नाम लीला देवी था। देवलथल क्षेत्र में रहने वाली 45 वर्षीय लीला देवी घटना के वक्त मवेशियों को चारा डालने गई हुई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छुपे गुलदार ने लीला देवी पर हमला कर दिया।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड के आदि निवासी कौन थे? जानिए और अपने इतिहास से जुड़िए
हमला होते ही लीला देवी ने मदद के लिए परिजनों और ग्रामीणों को पुकारा, लेकिन जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचते, तब तक लीला देवी की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। आपको बता दें कि इससे पहले मोड़ी गांव में भी गुलदार ने एक महिला को मार दिया था। पिथौरागढ़ जिले के कई गांवों में इन दिनों गुलदार दहशत का सबब बने हुए हैं। खूंखार जंगली जानवर जंगल से निकल कर आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे हैं, लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, लेकिन समस्या से निजात दिलाने के लिए वन विभाग अब तक कोई ठोस कार्य योजना नहीं बना पाया है। दो दिन में गुलदार के हमले में दो लोगों की मौत के बाद ग्रामीण डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने आदमखोर गुलदार को जल्द से जल्द मौत के घाट उतारने की मांग की है।