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बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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चम्पावत: उत्तराखंड समेत समूचा उत्तर भारत कड़ाके की ठंड से जूझ रहा है। फुटपाथ पर ठिठुरते इंसानों के साथ-साथ जलीय जीवों की भी जान पर बन आई है। चंपावत में गिरता पारा तालाब में रहने वाली मछलियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। यहां नरियाल गांव में लगातार गिरते पाले की वजह से दो तालाबों का पानी पूरी तरह जम गया। जिस वजह से दो हजार से ज्यादा छोटी मछलियां मर गईं। नरियाल गांव में स्थित ये दोनों तालाब मछली पालन प्रोत्साहन योजना के तहत बनाए गए थे। ये मछलियां मत्स्य पालकों को बांटी जानी थीं। मछलियों की देखभाल के पूरे इंतजाम किए गए थे, लेकिन कड़ाके की ठंड ने इन मछलियों की जान ले ली। पारा गिरते ही तालाब का पानी जम गया, जिस वजह से मछलियां मर गईं। पहाड़ी क्षेत्रों में इन दिनों रात के वक्त खूब पाला गिर रहा है। सड़कों पर पाले की परत बर्फ की तरह दिखाई दे रही है।