कर्णप्रयाग के जिलासू और लंगासू क्षेत्र को पर्यटन हब के तौर पर विकसित करने की कवायद जारी है। यहां अलकनंदा नदी पर एलिवेटेड ग्लास प्लेटफॉर्म बनाने की योजना है।
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Komal Negi
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Image: Glass Platform on the Alaknanda River
चमोली: उत्तराखंड पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। यहां पर्यटन संबंधी बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की कोशिशें जारी हैं। पौड़ी को हेरिटेज सिटी के तौर पर विकसित किया जा रहा है, रुद्रप्रयाग जिले में कैनोपी वॉक-वे बनाने की योजना है। इसी कड़ी में एक शानदार काम चमोली जिले में भी होने वाला है। यहां जिलासू और लंगासू क्षेत्र को पर्यटन हब के तौर पर विकसित करने की कवायद जारी है। प्रशासन ने क्षेत्र को विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत अलकनंदा नदी पर ग्लास प्लेटफॉर्म बनाने की योजना है। यहां रीवर बीच भी विकसित होगा। जिसके बाद दूर-दूर से आने वाले पर्यटक यहां नदी किनारे खड़े होकर प्रकृति के खूबसूरत नजारों को निहार सकेंगे।
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लंगासू और जिलासू कर्णप्रयाग के पास स्थित हैं। मास्टर प्लान के तहत जिलासू में अलकनंदा नदी पर एलिवेटेड ग्लास प्लेटफॉर्म स्थापित करने की योजना है। बदरीनाथ हाईवे पर स्थित जिलासू में रीवर व्यू पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। क्षेत्र में दूर तक फैली पहाड़ियां और बहती अलकनंदा का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटक यहां जरूर रुकते हैं। यही वजह है कि अब प्रशासन इस क्षेत्र को और विकसित करने पर ध्यान दे रहा है। इसके लिए योजना भी तैयार कर ली गई है। मास्टर प्लान के तहत अलकनंदा नदी पर एलिवेटेड ग्लास प्लेटफॉर्म स्थापित करने की योजना है। इस प्लेटफॉर्म पर चलते हुए पर्यटक अलकनंदा की लहरों को पैरों तले महसूस कर सकेंगे। आगे भी जानिए इस बारे में कुछ खास बातें। आगे पढ़िए
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अलकनंदा नदी पर बनने वाला ग्लास प्लेटफॉर्म करीब आठ मीटर लंबा और तीन मीटर चौड़ा होगा। इसे नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक बनाया जाएगा। प्लेटफॉर्म का आधार लोहे का होगा जबकि प्लेटफॉर्म कांच जैसा होगा। जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजेंद्र पांडे ने बताया कि जिलासू में ग्लास प्लेटफॉर्म बनाने की कार्य योजना पर काम चल रहा है। साथ ही यहां रीवर बीच बनाया जाएगा। जहां पर्यटक प्रकृति के सुंदर नजारों का आनंद ले सकेंगे। आपको बता दें कि लंगासू और जिलासू को पर्यटन हब के तौर पर विकसित करने के लिए चमोली प्रशासन शानदार काम कर रहा है। यहां होम स्टे बनाए गए हैं। ग्रामीण हाट भी बनाया जा रहा है। डीएम स्वाति एस भदौरिया की पहल पर इन दोनों क्षेत्रों को आयुर्वेद विलेज के तौर पर डेवलप करने की योजना पर काम चल रहा है।