उत्तराखंड में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वालों के लिए गुड न्यूज..परिवहन विभाग ने दी बड़ी राहत

उत्तराखंड में अब लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस के स्लॉट बढ़ा दिए गए हैं। परिवहन विभाग तेजी से बैकलॉग क्लियर करने में जुटा हुआ है। जानिए अब रोज कितने लोग दे सकते हैं टेस्ट
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Uttarakhand driving license: Relief for those who make driving license in Uttarakhand
Image: Relief for those who make driving license in Uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वालों के लिए परिवहन विभाग ने नए साल पर एक बड़ी खुशखबरी की घोषणा की है। उत्तराखंड में अब लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस के स्लॉट बढ़ा दिए गए हैं। परिवहन विभाग ने लर्निंग लाइसेंस के लिए रोज के स्लॉट बढ़ा दिए गए हैं। लर्निंग लाइसेंस के लिए स्लॉट की संख्या 100 कर दी है, जबकि परमानेंट लाइसेंस के लिए स्लॉट की संख्या बढ़ाकर 140 कर दी है। इस फैसले के बाद से लाइसेंस बनाने वालों के बीच में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। अब तक लर्निंग लाइसेंस के लिए रोजाना 55 स्लॉट ही होते थे जबकि परमानेंट लाइसेंस के लिए 40 स्लॉट दिए जा रहे थे। ऐसे में आवेदकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। कम स्लॉट होने की वजह से बैकलॉग भी बढ़ रहा था और आवेदकों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था।

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आपको बता दें कि कोरोना के चलते लर्निंग और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का काम 5 महीने तक बंद रहा था। 14 अगस्त से एक बार फिर से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। केंद्र सरकार द्वारा वैधता खत्म हो चुके सभी दस्तावेजों को 31 मार्च तक छूट दे दी गई है। अबतक उत्तराखंड में आरटीओ दफ्तर में रोजाना के पुराने बैकलॉग के 25 और नए आवेदन वाले 30 लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा ली जा रही थी। कुल 55 ही स्लॉट दिए जा रहे थे जिनकी संख्या बढ़ाकर 100 कर दी गई है। यानी कि अब 75 नए आवेदक और 25 स्लॉट बैकलॉग के आवेदकों को रोजाना मिलेंगे। परिवहन विभाग अब बैकलॉग खत्म करने की कोशिश कर रहा है इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने स्लॉट बढ़ाने का निर्णय लिया है जो कि बेहद जरूरी है। इसी तरह आईडीटीआर में परमानेंट लाइसेंस बनवाने के लिए अब तक रोज 40 लोग परीक्षा दे रहे थे जिसको बढ़ाकर 140 कर दिया गया है यानी कि 100 स्लॉट बढ़ा दिए गए हैं।

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वहीं जिन आवेदकों के लर्निंग लाइसेंस की वैधता 1 फरवरी 2020 के बाद खत्म हुई है उन सभी को 31 मार्च 2021 से पहले यह दस्तावेज नवीनीकृत कराने जरूरी है। परिवहन विभाग द्वारा स्लॉट बढ़ाना एक जरूरी कदम है क्योंकि वर्तमान समय में परमानेंट डीएल के पूरे स्लॉट फुल हो रखे हैं और नए फॉर्म बंद कर दिए गए हैं। हालांकि ऑनलाइन आवेदन तो किए जा सकते हैं मगर परीक्षा के लिए स्लॉट नहीं मिल पा रहे हैं जिस कारण आवेदक परेशान हो रहे हैं। पुराने बैकलॉग को खत्म करने एवं नए आवेदकों की संख्या को देखते हुए परिवहन विभाग द्वारा स्लॉट को बढ़ाया गया है। एआरटीओ प्रशासन द्वारिका प्रसाद ने बताया कि आवेदकों को लंबा इंतजार ना करना पड़े और बैकलॉग भी खत्म हो जाएं इसके लिए स्लॉट्स की संख्या बढ़ा दी गई है।