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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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देहरादून: साल 2022 के चुनावी रण से पहले ‘सेनापति’ और ‘मुख्यमंत्री’ को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी हाईकमान के आदेश पर कुछ दिन पहले कांग्रेस ने सामूहिक नेतृत्व संग चुनाव मैदान में उतरने की बात कही थी, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सवाल उठाए हैं। हरीश रावत चाहते हैं कि चुनाव के लिए पार्टी हाईकमान कोई चेहरा घोषित करे। वहीं हरदा के अपनी बात कहने भर की देरी थी कि, उनके विरोधी सारे गढ़े मुर्दे उखाड़ लाए। अब कांग्रेस की दिग्गज नेत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने भी हरीश रावत पर पलटवार किया है। डॉ. इंदिरा हृदयेश ने तंज कसते हुए कहा कि साल 2017 के चुनाव में बतौर मुख्यमंत्री हरीश रावत ही चेहरा थे, लेकिन वो खुद दो सीटों पर चुनाव हार गए। पार्टी को सिर्फ 11 सीटें मिलीं। बता दें कि पिछले दिनों कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का रुख साफ करते हुए कहा था कि पार्टी सामूहिक ताकत से चुनाव लड़ेगी। दरअसल किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित ना कर के पार्टी आपसी कलह को टालना चाहती थी, लेकिन सारी कोशिशें बेकार रहीं। आगे पढ़िए