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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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टिहरी गढ़वाल: ‘खाकी’ सिर्फ एक वर्दी नहीं बल्कि जिम्मेदारी है, लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि कुछ पुलिसवाले आज भी इस बात को समझने को तैयार नहीं हैं। ऐसे पुलिसवालों के खिलाफ उत्तराखंड में लगातार कार्रवाई हो रही है। चंबा के थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा पर भी पीड़ित पक्ष की न सुनने और उन्हें थाने बुलाकर धमकाने के आरोप लगे थे। अब टिहरी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। बुधवार को चंबा के थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा को निलंबित कर पुलिस लाइन से संबद्ध करने के आदेश दिए गए। उन पर उद्यान विभाग के शोध केंद्र के कर्मचारी वीरेंद्र नेगी ने गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़ित वीरेंद्र नेगी ने बताया कि मंगलवार को काणाताल पंपिंग योजना के ठेकेदार अनीश के 8 श्रमिक उनके शोध केंद्र में आए और लाइन खुदाई का काम करने लगे। बिना अनुमति के खुदाई करने पर जब उन्हें रोका गया तो इन लोगों ने वीरेंद्र नेगी, आशीष सेमवाल और राजेंद्र प्रसाद के साथ मारपीट की। घटना के बाद वीरेंद्र ने थानाध्यक्ष सुंदरम शर्मा को फोन कर घटना की जानकारी दी।