वाह..गढ़वाल में तैयार है ये हाईटेक सुरंग, इसके ऊपर खड़ा है पूरा शहर..जानिए खूबियां

इस सुरंग के निर्माण से न केवल चंबा के निवासियों को जाम से मुक्ति मिलेगी जबकि चार धाम यात्रा भी सुविधाजनक हो जाएगी।
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Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

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Chamba Tunnel Tehri Garhwal: Chamba tunnel in Tehri Garhwal
Image: Chamba tunnel in Tehri Garhwal

टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के लोगों के लिए बेहद सुखद खबर सामने आ रही है। टिहरी गढ़वाल समेत उत्तराखंड के लोगों के हिस्से जल्द ही एक नई सौगात आने वाली है। ऑल वेदर परियोजना के तहत टिहरी जिले के अंतर्गत चंबा शहर के नीचे भूमिगत सुरंग का कार्य अब अपने अंतिम चरण पर है और जल्द ही यह सुरंग वाहनों की आवाजाही के लिए शुरू हो जाएगी। जी हां, 40 करोड़ की लागत से बनाई जा रही यह सुरंग जल्द ही आम लोग भी इस्तेमाल कर पाएंगे। इन दिनों सुरंग के अंदर रंग रोगन, लाइटनिंग और फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। यह कार्य अपने अंतिम चरण पर है। जल्द ही यह सुरंग पूरी तरह से आम जनता के लिए खुलने वाली है। सुरंग बनने से जाम से निजात मिलेगी। 440 मीटर लंबी सुरंग के बनने से चंबा शहर के निवासियों को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। बीआरओ उम्मीद जता रही है कि फरवरी के प्रथम हफ्ते तक सुरंग का लोकार्पण हो जाएगा और यह सुरंग आवाजाही के लिए खुल जाएगी।

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भारत सरकार और बीआरओ ने ऑल वेदर परियोजना के तहत चंबा शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए मुख्य बाजार से पहले 440 मीटर भूमिगत सुरंग बनाने का प्रस्ताव रखा था जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई तकनीक का प्रयोग करते हुए जनवरी 2019 में इस सुरंग का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। 1 साल के बाद अब यह कार्य अपने अंतिम चरण पर है और जल्द ही पूरा हो जाएगा। 1 साल के अंदर आसपास के क्षेत्र के मकानों, परिसंपत्तियों के कारण काम करना मुश्किल हो गया मगर इसके बावजूद भी बीआरओ ने सुरंग का निर्माण 1 साल में सफलतापूर्वक कर लिया है और इन दिनों फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। बस कुछ दिनों के बाद सुरंग आम जनता की आवाजाही के लिए खुल जाएगी। यह उत्तराखंड की सबसे लंबी सुरंग होगी। इस सुरंग के बनने के बाद चार धाम की यात्रा और भी अधिक सुगम हो जाएगी। इस सुरंग की लंबाई 440 मीटर बताई जा रही है और इसको बनाने के लिए ऑस्ट्रेलियन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। इस टनल के शुरू होने के बाद चार धाम यात्रा और अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। गंगोत्री जाने के लिए अब ऋषिकेश के यात्रियों को चंबा में प्रवेश करने की जरूरत नहीं है। इस सुरंग से चंबा शहर में आए दिन लगने वाले जाम से भी लोगों को निजात मिलेगी और यात्रियों को भी सुविधा रहेगी।

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प्रदेश की सबसे लंबी सुरंग गोल्डी से मंज्यूड गांव तक बनेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि इस सुरंग के अंदर गाड़ियों के साथ साथ पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए भी सुविधा होगी। पैदल चलने वालों के लिए सुरंग के अंदर 10 फीट का चौड़ा फुटपाथ बनाया जा रहा है जिस पर आसानी से आवाजाही होगी। सुरंग के अंदर फुटपाथ होने से लोग सुरंग के रास्ते पैदल आवाजाही कर सकेंगे। गंगोत्री धाम जाने के लिए यात्रियों को ऋषिकेश के बाद चंबा जाने की जरूरत नहीं है। बिना चंबा में प्रवेश किए अब ऋषिकेश से गंगोत्री धाम पहुंचा जा सकेगा। चीफ इंजीनियर आशु सिंह राठौड़ ने बताया कि चंबा में 440 मीटर लंबी सुरंग बनकर तैयार है और अब इसके अंदर लाइटनिंग, रंग-रोगन और फिनिशिंग कार्य चल रहा है जो कि 10 से 12 दिन में पूरा हो जाएगा। सुरंग की पूरी रिपोर्ट भी मंत्रालय को भेज दी गई है और यह उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के प्रथम सप्ताह तक सुरंग का लोकार्पण हो जाएगा और यह आम जनता के इस्तेमाल के लिए खुल जाएगी।